UP Byelection 2025: उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस सीट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 5 फरवरी को मतदान किया जाएगा। बीजेपी ने चंद्रभान पासवान के नाम पर मुहर लगाई है। गौरतलब है कि, मिल्कीपुर सीट पर सपा और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है।
समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर अयोध्या के अपने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने सपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया तो वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने उपचुनाव नहीं लड़ने का निर्णय किया है। मिल्कीपुर उपचुनाव सपा और बीजेपी के नाक की लड़ाई बन गई है। बीजेपी यह सीट जीतकर लोकसभा चुनाव में मिली फैजाबाद की हार का बदला चुकता करना चाहती है।
वहीं, सपा एक बार फिर अखिलेश के पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) नैरेटिव को मिल्कीपुर के जरिए पूरे यूपी में बल देना चाहती है। बता दें कि, अवधेश प्रसाद की तरह चंद्रभान पासवान भी पासी समाज से आते हैं। चंद्रभान रुदौली से दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। अभी उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं।
मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए 17 जनवरी से नामांकन भरा जाएगा, 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे। चंद्रभान पासवान का पूरा परिवार साड़ी का व्यापार करता है। वह रुदौली में भी साड़ी का व्यापार करते हैं। वह बीते 2 सालों से मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर सक्रिय थे।
मिल्कीपुर का जातीय समीकरण
बता दें कि, मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर कुल वोटरों की संख्या 3 लाख 58 हजार है। यहां सबसे अधिक अनुसूचित जाति और फिर पिछड़े वर्ग से आते हैं। मिल्कीपुर में अनुसूचित जाति वर्ग में पासी समाज और ओबीसी वर्ग में यादव सबसे प्रभावी हैं। इस सीट पर जो पार्टी जातीय समीकरण साध लेगी उसे फायदा मिलेगा।
समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर से जीते थे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट जीतकर सांसद बनने के बाद उन्हें विधायकी छोड़नी पड़ी थी। इसी कारण यहां उपचुनाव की नौबत आई। हालांकि, महाराष्ट्र चुनाव के साथ हुए उपचुनावों में इस सीट पर चुनाव नहीं हुआ था। प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 9 में से 7 जीती थीं।