Delhi Excise Policy: आम आदमी पार्टी संरक्षक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया और मामले की अब अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी। कोर्ट में केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसोदिया वाली दलील दी थी लेकिन कोर्ट ने दलील को खारिज कर दिया।
केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि उनके पक्ष में 3 बार जमानत के आदेश दिए जा चुके हैं। इसमें सेक्शन 45 भी शामिल है। पीएमएलए ने मई में अंतरिम आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद पीएमएलए से जून में नियमित जमानत मिली थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। हालांकि, इस दलील के बाद भी कोर्ट ने उन्हें फिलहाल जमानत नहीं दी है।
दरअसल, ऐसी ही दलील सिसोदिया वाले मामले में भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मुकदमे में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है और सिसोदिया को जमानत भी नहीं दी जा रही है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर तल्ख टिप्पणी करते हुए सिसोदिया को तुरंत जमानत देने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट के साथ-साथ हाईकोर्ट भी सेफ प्ले कर रही है।
इसको लेकर सिंघवी ने कहा कि इस पर जल्दी सुनवाई होनी चाहिए और सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करना चाहिए। जिसको लेकर सर्वोच्च अदालत ने 23 अगस्त को अगली सुनवाई के लिए समय तय कर दिया। बता दें कि, दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 मई, 2024 को सिसोदिया को जमानत देने से इनकार किया था। इसके बाद सिसोदिया सुप्रीम कोर्ट गए और अपनी याचिका में कहा था कि 2023 अक्टूबर से उनके खिलाफ मुकदमे में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट से पहले, मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट ने, 30 अप्रैल को जमानत नहीं दी थी। ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सिसोदिया की जमानत याचिका इससे पहले भी कई बार खारिज हो चुकी थी।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सेफ गेम खेल रही है। सजा के तौर पर जमानत से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद हाईकोर्ट को निर्देशित किया कि सशर्तों के साथ सिसोदिया को जमानत दी जाए। कोर्ट ने निजी मुचलके के साथ कई शर्तों पर सिसोदिया को जमानत दे दी थी।