Jammu Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में डोडा जिले के डेसा में आतंकियों की फायरिंग में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा एक पुलिसकर्मी की भी शहादत हो गई। यानी कुल 5 जवानों ने देश के लिए बलिदान दिया। राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस यहां सोमवार से ही सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सर्चिंग के दौरान आतंकी फायरिंग करते हुए भाग निकले।
घना जंगल और रात का अंधेरा होने के बावजूद आतंकी बच निकले। सोमवार रात 9 बजे के आसपास से गोलीबारी हो गई, जिसमें पांच जवान गंभीर रूप से घायल हो गए घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान जवानों ने दम तोड़ दिया। शहीद हुए राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों में कैप्टन बृजेश थापा पश्चिम-बंगाल के दार्जिलिंग के और सिपाही बृजेंद्र, सिपाही अजय राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले थे। नायक डी राजेश की जानकारी सामने नहीं आई है।
बता दें कि, कैप्टन बृजेश थापा का जन्म 15 जनवरी को आर्मी डे के दिन हुआ था। उनकी मां नीलिमा ने बताया कि आखिरी बार रविवार 14 जुलाई को बेटे से बात हुई थी। उन्होंने कहा कि मुझे अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है। अगर हम अपने बेटे को सीमा पर नहीं भेजेंगे, तो देश के लिए कौन लड़ेगा।
शहादत पर गर्व- भुवनेश थापा
कैप्टन बृजेश के पिता कर्नल भुवनेश थापा (सेवानिवृत्त) बोले- जब मुझे बताया गया कि वह अब नहीं रहा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। वह मेरी सेना की ड्रेस पहनकर घूमता था। इंजीनियरिंग करने के बाद भी वह सेना में जाना चाहता था। उसने एक बार में ही परीक्षा पास कर ली और सेना में भर्ती हो गया।
मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने देश और देश की सुरक्षा के लिए कुछ किया है। दुख की बात यह है कि हम उससे दोबारा नहीं मिल पाएंगे, अन्यथा मुझे खुशी है कि उसने अपने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। रात 11 बजे हमें उसकी खबर मिली। मैं भी फौजी रहा हूं, जंगल में आतंकियों को देख पाना बड़ा मुश्किल होता है। जंगल बहुत घने होते हैं।