Delhi Violence Omar Khalid’s Petition Rejected: दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपी और जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने खालिद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। खालिद चार साल से जेल में बंद है। आरोपी के ऊपर गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
खालिद पर यह आरोप है कि उन्होनें 23 जगहों पर विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके कारण दिल्ली मे दंगें भड़क गए थे। खालिद इस बात पर कायम है कि दंगे भड़काने में उनका कोई हाथ नहीं है। खालिद ने दिल्ली अदालत को बताया कि कुछ लोग मुझसे भी अधिक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और अन्य आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वाले लोगों को दिल्ली पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया है।
जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) और अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जज समीर वाजपेयी ने उनकी जमानत की सुनवाई के बाद 13 मई को यह फैसला सुरक्षित रख लिया था और उस पर आज अपना फैसला दिया है।
दिल्ली पुलिस ने दी दलील
उमर खालिद के वकील ने कोर्ट में कहा कि, दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खालिद के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होनें कहा कि जज साहब बार-बार चार्जशीट में नाम लेने से व्यक्ति निर्दोष से दोषी साबित नहीं हो सकता है और नहीं बार-बार नाम को दोहराने से झूठा नाम सच हो सकता है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि, उमर खालिद ने सोशल मीडिया के तहत अपने नैरेटिव को जनता में फैलाया था। वहीं, दिल्ली पुलिस के प्रोसिक्यूटर ने कहा कि इन्होंने सोशल मीडिया चैट्स के जरिए अपनी याचिका कोर्ट में दर्ज की है। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि उन्होंने 23 जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया था। जिससे राजधानी में दंगे भड़क गए थे। हिंसक गतिविधियों में खालिद का बड़ा हाथ है।