Budget Session: संसद के लोकसभा सदन में मोदी सरकार की तरफ से श्वेत पत्र पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह श्वेत पत्र पेश किया। सरकार यह श्वेत पत्र यूपीए सरकार के दौरान कथित आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ लेकर आई है। इसके विरोध में कांग्रेस ब्लैक पेपर लाने की तैयारी कर रही है।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश आर्थिक संकट से जेझ रहा था। निर्मला ने इसके लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहुत मेहनत की है। आज हमारे देश की इकॉनोमी दुनिया की सबसे मजबूत इकॉनोमी है।
क्या होता है श्वेत पत्र ?
बता दें कि, श्वेत पत्र के जरिए यूपीए और एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों की तुलना की जाएगी। साथ ही सरकार अपने कार्यकाल में उठाए गए सकारात्मक कदमों के बारे में भी जानकारी देगी। श्वेत पत्र एक रिपोर्ट होती है, जिसके जरिए सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जाता है। श्वेत पत्र में शामिल दस्तावेज कई रंगों में होते हैं। इन्हीं रंगों के हिसाब से दस्तावेजों का वितरण किया जाता है।
इसके अलावा कोई भी कंपनी या संस्था श्वेत पत्र ला सकती है। आमतौर पर कंपनियां इसके जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताती हैं। इससे कंपनी के ग्राहकों और उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1922 में ब्रिटेन में पहली बार श्वेत पत्र लाया गया था।
क्या होता है ब्लैक पेपर ?
बीजेपी के श्वेत पत्र के जवाब में कांग्रेस ब्लैक पेपर लेकर आएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को ब्लैक पेपर जारी किया। खरगे ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को खत्म कर रही है। इसके अलावा इसमें रोजगार, बेरोजगारी, महंगाई का मुद्या उठाया गया।
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