Acharya Pramod Krishnam: चुनावी साल में कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को बनाने वाले नीतीश कुमार एनडीए में शामिल हो गए, अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के करीबी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम पार्टी से अलग-थलग होते हुए दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस नेता ने अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा है।
आचार्य कृष्णम का कहना है कि वह एक साल से राहुल गांधी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वह राहुल गांधी से नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि उनका संदेश राहुल गांधी तक नहीं पहुंचाया जा रहा हो। मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय से एक बार संपर्क किया था और चार दिन बाद उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हो गई।
पीएम की तारीफ में पढ़े कसीदे
मुलाकात के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी को दैवीय शक्ति का आशीर्वाद मिला हुआ है। जिसके बाद फिर 4 फरवरी को आचार्य ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। सोमवार 5 फरवरी को पीएम के दिए सदन में धन्यवाद भाषण की भी जमकर तारीफ की है।
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कार्यकर्ताओं की बुनियाद पर खड़ी पार्टी- कृष्णम
इस दौरान उन्होंने खरगे को लेकर कहा कि पार्टी के एक बड़े नेता हमेशा अपनी मर्यादा और भाषा का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं से पार्टी बनती है। कार्यकर्ता कर्मठ और कर्मवीर होता है। सवाल किसी एक पार्टी का नहीं, सभी पार्टियां कार्यकर्ताओं के खून पसीने की बुनियाद पर खड़ी हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस भी कार्यकर्ताओं की बुनियाद पर खड़ी है। इन्हें लेकर जिस तरह की भाषा का प्रयोग हुआ, उससे न सिर्फ मुझे बल्कि तमाम कार्यकर्ताओं के मन को ठेस पहुंची है। इसके लिए उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए।