संतोष कुमार सिंह
Bihar Cabinet Ministry: बिहार में खेला होगा के सियासी जुमले के बीच आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने नये साथियों के बीच मंत्रिमंडल का बटवारा कर ही दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पास एक बार फिर से गृह विभाग रखा है। इसके अलावा उन्होंने सामान्य प्रशासन, निगरानी, निर्वाचन समेत कई विभाग अपने पास रखे हैं।
वहीं, भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी को वित्त, स्वास्थ्य और खेल समेत कई विभाग मिले हैं। जबकि दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को कृषि, पथ निर्माण, गन्ना उद्योग समेत कई विभाग मिले हैं। वहीं विजय कुमार चौधरी को शिक्षा विभाग, जल संसाधन और भवन निर्माण समेत कई मंत्रालय दिए गए हैं। जबकि बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास समेत कई अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
आइए जानते हैं बिहार में किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला
नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री) सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं।)
सम्राट चौधरी (डेप्युटी सीएम) वित्त, नगर विकास और आवास, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज, उद्योग, पशु एवं मत्सय संसाधन, विधि।
विजय सिन्हा (डेप्युटी सीएम) कृषि, पथ निर्माण, भूमि सुधार, गन्ना उद्योग, खान एवं भूतत्व, श्रम संसाधन, कला, संस्कृति और युवा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण।
विजय कुमार चौधरी (कैबिनेट मंत्री) जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण और परिवहन, शिक्षा, सूचना और जन संपर्क।
बिजेंद्र प्रसाद यादव (कैबिनेट मंत्री) ऊर्जा, योजना और विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण।
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डॉक्टर प्रेम कुमार (कैबिनेट मंत्री) सहकारिता, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन।
श्रवण कुमार (कैबिनेट मंत्री) ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण।
संतोष कुमार सुमन (कैबिनेट मंत्री) सूचना प्रावैद्यिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण।
सुमित कुमार सिंह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा।
इधर मंत्रिमंडल का बटवारा हो गया है उधर पूर्व उपमुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दबाव की राजनीति शुरू कर दी है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने एक और मंत्री पद की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं करना अन्याय होगा।
क्या कहते हैं मांझी
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को मंत्रिमंडल में कम से कम एक और मंत्री पद मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्दलीय को मंत्रिमंडल में स्थान भी मिल रहा है और सुनने में आ रहा है कि मनचाहा विभाग भी मिल रहा है।
मांझी ने यहां तक कहा कि उन्होंने अपनी मांग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने भी रखी है। महागठबंधन द्वारा सीएम का ऑफर था, लेकिन, मैंने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि मुझे पैसे और पद का लालच कभी नहीं रहा, जो यह समझते हैं, उन्हें गलतफहमी है। मांझी ने पार्टी से अनिल कुमार सिंह को मंत्री बनाने की मांग उठाते हुए कहा कि ऐसा नहीं करना अन्याय होगा। वह सवर्ण समाज से आते हैं। नीतीश कुमार की नई सरकार में मांझी की पार्टी से संतोष कुमार सुमन को मंत्री बनाया गया है।
मांझी को मुख्यमंत्री बनाने को तैयार कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने जीतन राम मांझी को खुला ऑफर दे दिया है। अखिलेश सिंह ने कहा है कि वो हमारे साथ आ जाए हम उन्हें मुख्यमंत्री बनवा देंगे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
राजद खेला करने को तैयार
बिहार में नयी सरकार बनने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा था कि अभी खेल बाकी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि मांझी की बात नहीं मानी गई तो वो नीतीश कुमार व भाजपा का खेल खराब कर सकते हैं। इस बीच यह भी आशंका जताई जा रही है कि नई सरकार को विश्वास मत हासिल करना है। ऐसे में कुछ विधायक यदि सदन में उपस्थित नहीं रहते हैं तो राजद को खेला करने का मौका मिल सकता है। जदयू विधायक गोपाल मंडल के बगावती सुर भी कुछ इसी तरह का ईशारा कर रहे हैं। गोपाल मंडल ने तेजस्वी के खिलाफ ईडी के कार्रवाई को लेकर सवाल खड़ा किया है।
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