Bharat Ratna: देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व डिप्टी पीएम रहे लालकृष्ण आडवाणी को देश को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया है। पीएम ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक हैं।
देश के विकास एकता और अखंडता में उनका योगदान अभूतपूर्व रहा है। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने की शुरुआत से लेकर उपप्रधानमंत्री रहते हुए तक देश की सेवा की है। वह गृह मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री भी रहे। देश सेवा में उनकी पारदर्शिता और निष्पक्षता हमेशा याद रहेगी।
आगे पीएम ने कहा कि यह मेरे बहुत भावुक वाला क्षण है। मैंने फोन पर दिग्गज नेता को बधाई दी है। सार्वजनिक जीवन में लालकृष्ण आडवाणी की दशकों लंबी सेवा को पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित किया गया है।
उन्होंने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले हैं।
क्या है भारत रत्न ?
भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार देश के प्रति अमूल्य योगदान के लिए किसी भी जाति, धर्म, लिंग, व्यवसाय या क्षेत्र के व्यक्ति को दिया जा सकता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल शामिल हैं।
भारत रत्न दिए जाने की शुरुआत 2 जनवरी 1954 से हुई थी। सबसे पहला सम्मान स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, दूसरा राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और तीसरा साइंटिस्ट चंद्रशेखर वेंकट रमन को दिया गया था।
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भारत रत्न देने की प्रक्रिया
बता दें कि, भारत रत्न पुरस्कार किसी औपचारिक नामांकन प्रक्रिया के अधीन नहीं है। देश के प्रधानमंत्री किसी भी व्यक्ति को पुरस्कार के लिए नामित कर सकते हैं। इसके अलावा, मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी प्रधानमंत्री को सिफारिशें भेज सकते हैं। इन सिफारिशों पर प्रधानमंत्री कार्यालय में विचार-विमर्श होता है और उसके बाद राष्ट्रपति को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाता है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही किसी व्यक्ति को भारत रत्न से सम्मानित किया जाता है। हर साल अधिकतम तीन हस्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर साल भारत रत्न सम्मान दिया ही जाना है। किसी व्यक्ति के जीवन काल या मरणोपरांत दोनों तरह से दिया जाता है।
भारत रत्न से मिलता क्या-क्या है
भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति को एक मेडल और आधिकारिक प्रमाण पत्र दिया जाता है। यह मेडल पीपल के पत्ते जैसा दिखता है, जो शुद्ध तांबे का होता है। यह 5.8 सेमी लंबा, 4.7 सेमी चौड़ा और 3.1 मिमी मोटा होता है। पत्ते पर प्लैटिनम का चमकता सूरज बना होता है। इसका किनारा भी प्लैटिनम का होता है।
मेडल पर नीचे चांदी से हिंदी में भारत रत्न लिखा होता है। जबकि पीछे राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ बना होता है और नीचे हिंदी में ‘सत्यमेव जयते’ लिखा होता है। वहीं सर्टिफिकेट में सम्मानित व्यक्ति का नाम, सम्मानित किए जाने का साल और राष्ट्रपति के साइन होते हैं। भारत रत्न कोई आर्थिक पुरस्कार नहीं है। मतलब यह है कि इस सम्मान के साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती है। हालांकि, कुछ राज्य सरकार सम्मानित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता देने के लिए अपनी मर्जी से पहल करती हैं।
मोदी सरकार में अबतक किसको मिला भारत रत्न
साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने समय-समय पर देश की कई शख्सयितों को भारत रत्न से नवाजा है। साल 2015 में मोदी सरकार ने सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिया था। मदन मोहन मालवीय एक शिक्षक और स्वतंत्रता सेनानी थे। अब बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले पीएम मोदी ने बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया था।
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