संतोष कुमार सिंह
मॉस्कोः अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने का सपना आखिरकार हकीकत में बदल गया। रामलला की इस पौराणिक नगरी ने जितना संघर्ष देखा है उतना किसी ने नहीं देखा होगा। जिस धरा पर रामलला ने जन्म लिया, जहां उन्होंने 14 वर्षों के वनवास के बाद शासन किया, जहां का रामराज आज भी जनशासन के उत्कृष्ट उदाहरण के तौर पर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, उसी धरा पर अपने महल में विराजमान होने के लिए रामलला को वनवास से भी कहीं ज्यादा संघर्ष करना पड़ेगा, ये किसी ने सोचा नहीं होगा। 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के दौरान हर रामभक्त की यही इच्छा रही कि उसकी आंखों के सामने रामलला का मंदिर बने। सघर्ष भी खत्म हुआ और संकल्प को सिद्धी मिलने वाली है और 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त मृगषिरा नक्षत्र में दोपहर 12.20 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे और रामलला के नए विग्रह की पहली आरती उतारेंगे। जाहिर है रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जिम्मेदारी काशी के वैदिक ब्राह्मणों को सौंपी गई है। काशी के मुख्य आचार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मृगशिरा नक्षत्र में मूर्ति स्थापित कराएंगे।
लेकिन कहा गया है जहां राम वहीं अयोध्या। जहां राम भक्त वहीं रामराज। यही कारण है कि न सिर्फ अयोध्या में बल्कि पूरी दुनिया से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है जहां राम भक्त बस उस घड़ी के इंतजार में हैं कि कब प्रभु श्रीराम अयोध्या में होंगे विराजमान। अयोध्या की ही तर्ज पर पूरी दुनिया में राम के आगमन की तैयारी हो रही है और मनमोहक तस्वीरें सामने आ रही हैं। ऐसी ही कुछ तस्वीर रूस की राजधानी मास्को से सामने आई है। जहां रूसी भारतीय मैत्रीय संघ दिशा के बैनर तले उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर वासी डॉक्टर रामेश्वर सिंह में आगामी बाइस जनवरी को भगवान् राम को सर्मपित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। रिर्हसल जारी है और जो तस्वीरें सामने आईं हैं उससे यही लगता है कि भारत की तरह ही रूस में रह रहे सनातनी भी अध्यात्मिक जश्न में डूब जाने को तैयार हैं जिसका हर सनातनी को सदियों से इंतज़ार था।
क्या कहते हैं रामेश्वर सिंह
उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर वासी और पिछले 40 साल से रूस में रह रहे डॉक्टर रामेश्वर सिंह कहते हैं कि रूसी भारतीय मैत्रीय संघ दिशा नामक संस्था में पूरे भारत समेत उत्तर प्रदेश के अलग जिलों से जुड़े लोगों के अलावा रूसी मूल के लोग शामिल हैं। वे कहते हैं कि भारतीय दूतावास और समुदाय के सहयोग से आगामी 22 जनवरी को एक कार्यक्रम ढाबा 146 में रखा गया है। इस दौरान कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस आयोजन में मुख्य रूप से श्री राम आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ आध्यात्मिक आनंद, सामूहिक भोज, श्री राम भजन और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामलीला का प्रदर्शन और भगवान राम से जुड़े अनेक वीडियो की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसकी तैयारी काफी पहले से की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में रूस में भारत के राजदूत पवन कपूर और जवाहरलाल सांस्कृतिक केंद्र मॉस्को की निदेशिका मधुर कंकणा रॉय भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही भारत से जुड़े अनेक प्रवासी परिवार शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर दिशा संस्था रुसी कलाकारों की मंडली लेकर आई थी। जिसका स्वागत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।