Haryana: सीएम की अध्यक्षता में हुई सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण की बैठक, 604 योजनाओं को मिली मंजूरी

Haryana: हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में राज्य सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक हुई। इस 55वीं बैठक में 604 योजनाओं को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई। इन योजनाओं के तहत प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण उपायों को मजबूत किया जाएगा।  

इनमें से अधिकांश योजनाएं मुख्य रूप से आबादी की सुरक्षा, कृषि भूमि की सुरक्षा, बाढ़ पानी निकासी की मशीनरी की खरीद, कृषि भूमि का सुधार और पानी का संरक्षण नवीकरण या पुनर्निर्माण पर केंद्रित हैं। इस दौरान बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और कृषि मंत्री जेपी दलाल मौजूद रहे।

इन जिलों के लिए योजना मंजूर

स्वीकृत नई बाढ़ योजनाओं में यमुनानगर के लिए 77, सोनीपत के लिए 42, झज्जर के लिए 67, रोहतक के लिए 36, अंबाला के लिए 53, कैथल के लिए 43, कुरूक्षेत्र के लिए 31, हिसार के लिए 16, चरखी दादरी के लिए 22, फतेहाबाद के लिए 27, करनाल के लिए 20, जींद के लिए 28, पानीपत के लिए 17, भिवानी के लिए 15, नूंह के लिए 18, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद के लिए 5-5, पलवल के लिए 14, पंचकूला के लिए 42, सिरसा के लिए 10 और रेवाड़ी और गुरुग्राम के लिए 3-3 योजनाएं शामिल हैं।   

मांग पत्र लेने का निर्देश

बैठक के दौरान सीएम मनोहर लाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बांध निर्माण के लिए अपने-अपने जिलों के स्थानीय लोगों से मांग पत्र लें। इस संबंध में पंचायत का प्रस्ताव संबंधित मंडल आयुक्त के माध्यम से मुख्यालय में भेजने का भी निर्देश दिया गा है।

खनन के लिए मानक स्थापित किया जाए- सीएम

सीएम ने कहा कि नहरों, नदियों या नालों से गाद निकालने के संबंध में कितनी गहराई पर गाद या रेत निकालने का काम किया जाना चाहिए, इसके लिए एक निर्धारित मानक स्थापित करने का सुझाव दिया है। एक निर्दिष्ट गहराई तक गाद निकालने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी, यदि गाद का स्तर उस बिंदु से नीचे है तो खनन विभाग इसकी जिम्मेदारी लेगा।

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