MP Chunav 2023: पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा के बाद सभी सियासी दल सीटों के गठजोड़ को लेकर रणनीति बना रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी सीटों के बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। प्रदेश में कांग्रेस के रवैये को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आपत्ति जताई है।
हम गठबंधन पर विचार करेंगे- अखिलेश यादव
उन्होंने कहा कि गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर है राज्य स्तर पर नहीं है। ऐसी जानकारी हमें पहले नहीं थी। अखिलेश यादव ने कहा अगर मुझे पहले दिन पता होता कि विधानसभा स्तर पर ‘इंडिया’ का कोई गठबंधन नहीं है तो हमारी पार्टी के लोग कभी मिलने नहीं जाते। अगर गठबंधन सिर्फ उत्तर प्रदेश में केंद्र के लिए है तो इस पर विचार किया जाएगा।
मध्यप्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच बिगड़ते रिश्तों पर अखिलेश यादव ने दो टूक कहा कि अगर गठबंधन विधानसभा स्तर पर नहीं है तो हम किसी बैठक का हिस्सा नहीं होते। हमने कांग्रेस को साफ-साफ बता दिया था कि मध्यप्रदेश में कब-कहां हमारे प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं। किन सीटों पर हमारे प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं।
कांग्रेस ने दिया धोखा- सपा अध्यक्ष
मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व सीएम (कमलनाथ) और उनसे पहले सीएम रहे (दिग्विजय) ने हमारे साथ बैठक बुलाई थी। उस बैठक में उन्होंने समाजवादी पार्टी से पूछा था कि हमारा प्रदर्शन कैसा रहा और सपा के विधायक किस समय और कहां से जीते थे और कहां हम दूसरे नंबर पर थे।
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं और सपा नेताओं को रात एक बजे तक बैठाकर रखा। उन्होंने आश्वासन दिया था कि कांग्रेस सपा के लिए 6 सीटों पर विचार करेगी। लेकिन जब सूची आई तो हमारे लिए एक सीट भी नहीं थी। कांग्रेस का रवैया अनुचित है और इस पर हम गंभीरता के साथ विचार कर रहे हैं।