ठाकुर के कुएं ने मिटाई बिहार के सियासी दलों की दूरी…सबके निशाने पर आये मनोज झा

संतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली: संसद के विशेष सत्र के दौरान जब सत्ताधारी दल भाजपा की तरफ महिला आरक्षण विधेयक लाया गया तो पक्ष विपक्ष के सांसदों ने अपनी बात रखी। इसी क्रम में राजद के राज्यसभा सांसद महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के क्रम में राजद सांसद मनोज झा के संसद में कविता पाठ पर बिहार में ठाकुर- ब्राम्हण विवाद बढ़ता ही जा रहा है। दल चाहे कोई भी हो उससे जुड़े ठाकुर नेता मनोज झा के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन ने राज्यसभा सांसद मनोज झा पर हमला बोलते हुए कहा कि आप अगर इतने ही बड़े समाजवादी हो तो झा क्यों लगाते हो? जिस सरनेम की आप आलोचना करते हैं पहले उसे तो छोड़कर आइए। आनंद मोहन ने कहा कि आप कहते हैं कि ठाकुर को मारो। आप ठाकुर को कहां-कहां से मारोगे। रामायण में ठाकुर, महाभारत में ठाकुर, दर्जनों-सैकड़ों कथावाचक 25 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये लेकर इसी ठाकुर को जपकर पेट पालता है। उन्होंने कहा, मंदिरों में जहां तुम घंटी बजाते हो, शंख बजाते हो, वहां ठाकुर बैठे हुए हैं।

इससे पहले आनंद मोहन के बेटे और राजद विधायक चेतन आनंद ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि हम ठाकुर हैं साहब!! सबको साथ लेकर चलते हैं! इतिहास में सबसे अधिक बलिदान हमारा है! समाजवाद में किसी एक जाती को टार्गेट करना समाजवाद के नाम पर दोगलापन के अलावा कुछ नहीं! जब हम दूसरों के बारे में गलत नहीं सुन सकते तो अपने (ठाकुरों) पर अभद्र टिप्पणी बिल्कुल नहीं बर्दाश्त करेंगे।

जदयू के एमएलसी संजय सिंह ने इसको लेकर मनोज झा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि ठाकुर आग है, कोई ऐसा दमकल नहीं बना जो इसे बुझा पाए, लगता है मनोज झा ब्राम्हण कुल में पैदा नहीं हुए। हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखीं, ठाकुर अपनी गर्दन दे भी सकता है और गर्दन काट भी सकता है। बता दें कि इससे पहले पूर्व सांसद आनंद मोहन ने भी मनोज झा के लिए कहा था कि अगर वह संसद में होते तो उनकी जीभ खींच लेते और आसन की ओर उछाल देते।

बीजेपी विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा है कि मनोज झा मेरे सामने बोलते तो पटक के मुंह तोड़ देते। भाजपा के विधायक ने कहा कि इस देश की रक्षा ठाकुरों ने की है, अगर ठाकुर न होते तो हिंदुस्तान का नाम मुगलिस्तान होता।

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