संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: बिहार की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म है। ये सारी अटकलें नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को एनडीए में वापसी को लेकर है। इन अटकलों को बल उस वक्त से और ज्यादा मिलना शुरू हुआ जबसे नीतीश कुमार जी 20के बैठक के बाद प्रधानमंत्री से मिलकर बिहार लौटे हैं। उसी समय से ये कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार कभी भी एनडीए की तरफ रूख कर सकते हैं।
हांलाकि कभीकभी इन अटकलों को विराम भी लग जाता है और नीतीश के पार्टी के नेता ये संकेत देने लगते हैं कि नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन ने अपना नेता मान लिया है। कुछ इसी तरह का दावा नीतीश के करीबी और बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने किया और कहा कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने पर सहमत हो गए हैं। इस संबंध में एक घोषणा निकट भविष्य में की जाएगी। बड़ी बात यह है कि महेश्वर हजारी इस बात की घोषणा नीतीश कुमार के आवास के बाहर ही करते हैं जहां नीतीश की अध्यक्षता में बैठक चल रही होती हैं। हजारी कहते हैं कि पांच बार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लंबा राजनीतिक करियर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री होने के नाते उनमें देश का अगला प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण मौजूद हैं। हर समाजवादी नेता नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। बैठक में जद-यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, वित्तमंत्री विजय कुमार चौधरी, जद-यू राज्य इकाई के प्रमुख उमेश कुशवाहा, जद-यू एमएलसी नीरज कुमार सभी मौजूद होते हैं। कोई इस बात का खुले तौर पर खंडन नहीं करता। हालांकि नीरज कुमार ऐसे किसी घटनाक्रम की जानकारी होने से इंकार करते हैं और कहते हैं कि भाजपा के ही एक राज्यसभा सांसद ने उन्हें पीएम पद का मेटेरियल बताया था। जाहिर है उनका ईशारा सुशील मोदी की तरफ होता है।
हालांकि इस बाबत जब नीतीश कुमार से सवाल पूछा जाता है कि क्या इस बात में सच्चाई है कि आपका लगाव एनडीए की तरफ जा रहा है? इस पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि क्या फालतू बात है। किसको क्या चर्चा करना है छोड़िए। आप जान रहे हैं कि विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए कितना हम लगे रहे। कितनी बड़ी उपलब्धि हो रही है। कौन क्या करता रहता है उससे हमको क्या लेना देना है।
अचानक बुलाई गई कैबिनेट बैठक के विषय में नीतीश कहते हैं बैठक कल होने वाली थी लेकिन तेजस्वी यादव को कहीं जाना है इसलिए आज ही बैठक कर लेते हैं। वहीं मंत्रिमंडल के विस्तार पर नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी बातें हमसे पूछने की बजाय इन्हीं (तेजस्वी यादव) लोगों से पूछ लीजिए।
मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी की एक बैठक होने वाली है जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, सभी विधानसभा प्रभारी, पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद हैं. संगठन को और मजबूत बनाने व लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक चल रही है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री खुद ही कहते हैं वे इंडिया गंठबंधन को मजबूत करने में लगे हुए हैं तो फिर इन अटकलों को हवा कैसे मिल रही है कि नीतीश एनडीए में शामिल होंगे।
दरअसल विगत कुछ दिनों से जो संकेत मिल रहे हैं उससे ये जाहिर होता है कि नीतीश कुमार के मिजाज कुछ बदले-बदले से लग रहे हैं। पहली तस्वीर जी 20के बैठक के दौरान नजर आई जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार एक साथ नजर आए। वहीं दूसरी तस्वीर बिहार राजभवन में नजर आई, जब पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ नीतीश कुमार मुलाकात करते नजर आए। मौका नालंदा में आयोजित हुए एक कार्यक्रम का था। इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बिहार आए हुए थे।
इसी तरह इंडिया गठबंधन ने जहां 14 पत्रकारों को ब्लैक लिस्ट किया वहीं नीतीश कुमार ने विपक्षी गठबंधन से अलग रूख रखते हुए कहा कि वह पत्रकारों के साथ हैं। वह किसी पत्रकार को ब्लैक लिस्ट किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। इसी तरह महिला आरक्षण बिल के सवाल पर भी नीतीश कुमार ने सहयोगी राजद से अलग राय रखी।