Haryana CM Manohar Lal: रविवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल शहीद मेजर आशीष के घर पानीपत पहुंचे। सीएम ने शहीद मेजर के परिजनों से दुख साझा किया। सीएम ने परिजनों से कहा कि मेजर आशीष बहुत बहादुर थे। मेजर का नाम हमेशा अमर रहेगा, परिवार के साथ हमारी संवेदना हमेशा रहेगी।
पत्नी को दी जाएगी नौकरी
आगे उन्होंने कहा कि यह बहुत कठिन समय है। परिवार में तीन बहनों के मेजर आशीष अकेले भाई थे। अभी 2 साल की उनकी बेटी भी है। पत्नी और बेटी के भविष्य को लेकर सोचा जा रहा है। सरकारी प्रक्रिया के तहत हर संभव मदद की जाएगी। पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
सीएम ने बताया कि फिलहाल शहीद के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है और उनकी पत्नी की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। मेजर को अमर रखने के लिए स्कूल, पार्क और मार्ग का नाम रखने के लिए प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
13 सितंबर को हुए थे शहीद
बता दें कि, मेजर आशीष 13 सितंबर को कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। ढाई साल पहले मेजर को मेरठ से राजौरी ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद वह अपने परिवार को पानीपत छोड़कर जम्मू-कश्मीर चले गए थे।
मेजर आशीष 19 राष्ट्रीय राइफल्स की सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त को सेना मेडल दिया था। मेजर आशीष की 2 साल की एक बेटी है, उनकी पत्नी ज्योति गृहिणी हैं। उनका परिवार अभी सेक्टर 7 में किराए के मकान में रहता है। मेजर का सपना था कि अपने खुद के घर में रहें, इसलिए उन्होंने TDI सिटी में नया घर बनवाया था।