नई दिल्ली.जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों के साथ एनकाउंटर (Anantnag Encounter) के दौरान शहीद हुए सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह (manpreet singh) आज पंतत्व विलीन हो गए। देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले जाबाज कर्नल मनप्रीत सिंह को उनके पैतृक गांव भड़ौजियांमें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर करीब 10 हजार लोग मौजूद रहे। उनके अंतिम संस्कार में पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित भी पहुंचे।
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों से लोहा लेने के दौरान शहीद हुए मनप्रीत सिंह के भाई संदीप सिंह ने उनके बेटे कबीर के साथ मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद के बेटे ने फौजी की वर्दी पहन अपने पिता को सैल्यूट किया और जय हिंद का नारा लगाया। इस दौरानएसपी डॉक्टर संदीप गर्ग और डीसी आशिका जैन समेत आला अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने कर्नल मनप्रीत सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरे गांव के लोगों की आंखें नम थी। उनके अंतिम सफर के दौरान नम आंखों से ही पूरे गांव के लोग मनप्रीत सिंह अमर रहेऔर भारत माता की जयका नारा लगा रहे थे। अपने पीछे अपनी पत्नी, 6 साल का अपना लड़का और ढाई साल की बेटी को छोड़ जाने वाले मनप्रीत सिंह के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरतलब है कि 12-13 सितंबर की दरम्यानी रातसे ही अनंतनाग में एनकाउंटर जारी है। इस मुठभेड़ में अब तक कुल4की शहादत हुई है। जिसमें बुधवार को सेना के राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (कर्नल) मनप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर (मेजर) आशीष, और जम्मू-कश्मीर पुलिस डीएसपी हुमायुं शहीद हो गए थे, जिन्हें आज अंतिम विदाई दी गई। मुठभेड़ के दौरान आज भी एक जवान शहीद हो गया।