Haryana Congress: हरियाणा कांग्रेस संगठन में एक बार फिर से देरी हो रही है। संभावना जताई जा रही थी कि 11-12 सितंबर को संगठन का ऐलान कर दिया जाएगा लेकिन अब तक ऐलान नहीं किया गया। हालांकि, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया दिल्ली में कोऑर्डिनेटर से रिपोर्ट ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि 18 सितंबर को हैदराबाद में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस संगठन की लिस्ट पर मुहर लगाई जाएगी।
पार्टी में आंतरिक उठापटक का डर
बताया जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इस बात का डर है कि जिला प्रभारियों के नाम पर मंथन के बाद रणदीप सुरजेवाला, कुमारी शैलजा, किरण चौधरी ग्रुप और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के समर्थक आमने-सामने न आ जाए। जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर से बाहर आ जाए।
गौरतलब है कि हरियाणा में कांग्रेस का साल 2014 से कोई संगठन नहीं है। संगठन नहीं बनने के पीछे सबसे बड़ी वजह स्थानीय नेता हैं। बीते कुछ समय से प्रदेश कांग्रेस में राजस्थान की तरह जमकर गुटबाजी देखने को मिली है। हरियाणा में पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का सबसे मजबूत गुट है। अब कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला भी मुखर है।
बातचीत के बाद लगेगी मुहर
हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान चौधरी ने दावा किया कि 10 सितंबर को ही केन्द्रीय कोऑर्डिनेटर ने रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रत्येक जिले के तीन नेताओं का नाम दिया गया है और पार्टी संबंधित योगदान का जिक्र किया गया। जिला अध्यक्षों के नामों के ऐलान से पहले प्रदेश के बड़े कांग्रेस नेताओं से बातचीत की जाएगी। इसके बाद जिला अध्यक्षों के नामों पर मुहर लगेगी।