Nuh Violence Update:हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार कर लिया गया। बिट्टू की गिरफ्तारी फरीदाबाद से हुई। कोर्ट में पेशी के बाद बिट्टू को एक दिन की रिमांड पर भेज दिया। बता दे कि, बिट्टू बजरंगी गौरक्षक के प्रमुख है। बजरंगी नूंह हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक है। अब आपको हम बिट्टू बजरंगी से जुड़ी बड़ी बातें बताते हैं।
बिट्टू बजरंगी खुद को गौरक्षक समूह का प्रमुख बताता है। इसके साथ ही नूंह हिंसा में हिंसा भड़काने का आरोपी माना गया है।
इसके अलावा बिट्टू बजरंगी मोनू मानेसर का सहयोगी है। जिस पर बिट्टू बजरंगी के साथ हिंसा भड़काने का आरोपी माना जा रहा है। मोनू मानेसर पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के बाद भी सोशल मीडिया पर लगातार भड़काऊ बयान पोस्ट कर रहा है।
नूंह हिंसा के दौरान बिट्टू बजरंगी और उसके साथियों ने जुलूस के दौरान हथियार लहराए, जिस पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस ने हथियार जब्त कर लिए थे, लेकिन बजरंगी और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर पुलिस वाहन पर हमला किया और उन्हें वापस छीन लिया। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उसने पुलिस को भी धमकी दी।
बिट्टू बजरंगी और कम से कम 15 अन्य के खिलाफ एफआईआर में दंगा, गैरकानूनी सभा, एक लोक सेवक को कर्तव्य निभाने से रोकने, सशस्त्र डकैती और धमकी देने का आरोप लगाया गया है। उस पर शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
एक निजी टीवी चैनल से बातचीत करते हुए बिट्टू ने हिंसा का दोष पुलिस को दिया था। साथ ही वह अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करता रहा और उसने कहा कि अगर उसके बयानों से दंगा भड़का तो दूसरे पक्ष के लोग पहले से हथियार के साथ कैसे लैस थे। हालांकि, उसने यह जरूर स्वीकार किया कि जुलूस में लोगों के पास तलवारें और बंदूकें थीं।