रोहतक: हरियाणा के रोहतक में पिछले दिनों स्कूली छात्रा से हुए गैंगरेप के मामले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले की जांच में पाया गया है कि आरोपी और पीड़िता एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। इसके साथ ही पीड़िता के साथ गैंगरेप की घटना को भी झूठा करार दिया गया है।
दरअसल, मामले में डीएसपी राकेश सिंह ने बताया कि छात्रा से गैंगरेप की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम मामले की जांच में लगी हुई थी। इस घटना की जांच पड़ताल में पाया गया कि दोनों एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ और CCTV फुटेज से ये बात सामने आई है कि पीड़ित छात्रा को आरोपियों ने कार में जबरदस्ती नहीं बैठाया था बल्कि वो अपनी मर्जी से उनके साथ होटल गई थी।
दरअसल, सदर थाना क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 10 अगस्त को सुबह करीब साढ़े 7 बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। गांव के बस स्टैंड पर कार सवार युवकों ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। जब उन्हें इस बात का पता चला तो वह शिकायत देने थाने में जा रहे थे कि रास्ते में उसे बेटी मिल गई। बाद में बेटी ने उसे पूरी घटना के बारे में बताया।
वहीं इस घटना की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर 11 अगस्त को मुख्य आरोपी साहिल (23 वर्ष), उसके साथी विक्रांत (21 वर्ष) और होटल संचालक समित (32 साल) को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे।