शुभम रावत-
इंफाल: मणिपुर हिंसा को लेकर बीजेपी की सहयोगी पार्टी NPF के सांसद ने बड़े सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसदों का कहना है कि उन्हें मणिपुर हिंसा मामले में बोलने नहीं दिया गया।
मणिपुर हिंसा पर बोलने नहीं दिया गया
मणिपुर में पिछले 4 महीने से लगी जातीय हिंसा की आग अब तक नहीं बूझी है। सड़क से संसद तक इस मामले पर जमकर चर्चा हो रही है। इस मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बयान बाजी चल रही है। इसी बीच बीजेपीकी सहयोगी पार्टी नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के सांसद ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मणिपुर मुद्दे को लेकर संसद के अंदर बोलने नहीं दिया गया।
बोलने की अनुमति नहीं-सांसद पफोज
सांसद लोरहो पफोज ने कहा कि मणिपुर मुद्दे परहमेंमणिपुर मुद्दे पर संसद में बोलने से रोका गया। उन्होंने कहा कि हम संसद में मणिपुर पर बोलना चाहते थे लेकिन उच्च अधिकारियों ने हमें इसके लिए अनुमति नहीं दी। पफोज ने कहा कि हां, हम बीजेपी के सहयोगी हैं लेकिन हमें अपने लोगों के लिए भी बोलना होगा।
गलत तरीके से हैंडल किया गया
पफोज ने आगे कहा कि, हमारे हाथ बंधे हुए हैं, हम बीजेपी के सहयोगी हैं, इसलिए हमें कुछ आदेशों का पालन करना होगा। बीजेपी ने मणिपुर में, यहां तक कि पहाड़ी इलाकों में भी बहुत काम किया है, लेकिन हाल ही में इस मुद्दे को जिस तरह से हैंडल किया गया, वह गलत है.
गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई को कुकी और मैतई समुदाय के बीच जातीय हिंसा शुरू हो गई थी। इस हिंसा के दौरान अब तक 160 से अधिक लोगों की जान चली गई। कई सौ लोगों के घायल होने की खबर आई। इसके अलावा हजारों लोगों के घर को आग के हवाले कर दिया गया। बता दें कि यह हिंसा मैतेई और कुकी, नागा समुदायों के बीच उनके अधिकारों के मुद्दे को लेकर हो रही है।