चले मोदी के शब्दों के तीर, ढेर हुआ विपक्ष, गिर गया अविश्वास प्रस्ताव, पढ़ें अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम ने क्या कहा

नई दिल्लीःविपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अधीर रंजन चौधरी द्वारा मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर उठाए गए सवालों और खुद पर की गई विवादित टिप्पणियों का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करारा जवाब दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ विपक्ष की समस्त घेराबंदी को तार-तार कर दिया बल्कि अपनी सरकार की उपलब्धियों के झंडे भी उन्हीं के सामने गाड़ दिए। पीएम मोदी के शब्दों के तीर को विपक्ष बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने सदन से वॉकआउट करने में ही अपनी भलाई समझी।

विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है

प्रधानंत्री मोदी ने कहा कि पिछले तीन दिन से अनेक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। करीब-करीब सभी के विचार मुझ तक विस्तार से पहुंचे हैं। मैंने स्वयं कुछ भाषण सुने भी हैं। देश की जनता ने हमारी सरकार के प्रति बार-बार जो विश्वास जताया है, मैं आज देश के कोटि-कोटि नागरिकों का आभार व्यक्त करने के लिए उपस्थित हुआ हूं। कहते हैं, भगवान बहुत दयालु है और भगवान की मर्जी होती है कि वो किसी न किसी के माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करता है। मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हूं कि उसने विपक्ष को यह प्रस्ताव लाने के बारे में सुझाया। वर्ष 2018 में भी भगवान का ही आशीर्वाद था कि विपक्ष के साथी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। मैंने उस दिन भी कहा था कि यह सरकार का फ्लोरटेस्ट नहीं है, बल्कि विपक्ष का फ्लोरटेस्ट है। हुआ भी यही, चुनाव में जनता ने पूरी ताकत के साथ इनके लिए नो कॉन्फिडेंस घोषित कर दिया। यानी एक तरह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है।

इधर, सेंचुरी हो रही है और उधर नो बॉल हो रहा है

पीएम मोदी ने कहा, मैं देख रहा हूं कि एनडीए और बीजेपी पुराने सभी रिकार्ड तोड़कर जनता के आशीर्वाद से फिर सत्ता में आएगी। अच्छा होता सत्र के शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया होता। बितों दिनों दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण बिल पारित किए गए। ये ऐसे बिल थे जो जनता के हक के थे। उस पर कितनी गंभीर चर्चा की जरूरत थी, लेकिन चर्चा नहीं हुई। क्योंकि इन पर राजनीति हावी थी। इन बिलों पर इन विपक्षी लोगों की रुचि नहीं थी। जनता के विश्वास के साथ भी विश्वासघात किया गया है। मोदी ने कहा कि विपक्ष के आचरण से यह सिद्ध हो गया है कि देश से बड़ा उनके लिए दल है। इन्हें गरीब की भूख की चिंता नहीं है, सत्ता की भूख की चिंता सिर पर सवार है। देश की चिंता नहीं है, सत्ता की चिंता है। ये जुटे तो अविश्वास प्रस्ताव पर जुटे और अपने कट्टर भ्रष्टाचारी साथी के साथ मिलकर जुटे। मजा इस बहस का देखिए, विपक्ष ने फिल्डिंग लगाई मगर चौके-छक्के यहीं से लगे। इधर, सेंचुरी हो रही है और उधर नो बॉल हो रहा है। ये तैयारी करके नहीं आते। पांच साल तैयारी नहीं कर पाए।

जिनके खुदके बहीखाते बिगड़े हुए हैं, वो भी हमसे हमारा हिसाब लिए फिरते हैं

विपक्षी दलों के सांसदों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के हमारे साथियों को छपास की बहुत इच्छा रहती है। ये स्वाभाविक भी है, लेकिन इन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश इन्हें देख रहा है, सुन रहा है। मोदी ने शायरना अंदाज में कहा कि जिनके खुदके बहीखाते बिगड़े हुए हैं, वो भी हमसे हमारा हिसाब लिए फिरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव में कुछ चीजें ऐसी विचित्र नजर आई जो पहले न देखा है, न सुना है। सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का बोलने की सूची में पहला नाम ही नहीं था। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। सोनिया गांधी ने विपक्ष को लीड किया, विषय को आगे बढ़ाया, लेकिन इस बार अधीर भाई को क्या हो गया। कल गृह मंत्री अमित शाह ने बता दिया कि गुड़ का गोबर कैसे करना है उसमें वो माहिर हैं। मैं नहीं जानता आखिर विपक्ष की मजबूरी क्या है। क्यों अधीर बाबू को दरिकनार कर दिया गया। क्या पता बंगाल से फोन आया होगा। कांग्रेस कई बार उनका अनादर करती है। हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

ये कालखंड जो करेगा उसका प्रभाव इस देश पर आने वाले एक हजार साल तक रहने वाला है

पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के जीवन में, इतिहास में एक समय ऐसा आता है जब वो पुरानी बंदिशों को तोड़ करके नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का कदम उठाता है। 21 सदी का ये वो कालखंड है जो भारत के लिए हर सपने सिद्ध करने का अवसर लेकर आया है। ये कालखंड जो करेगा उसका प्रभाव इस देश पर आने वाले एक हजार साल तक रहने वाला है। 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ आने वाले कल की नींव रखने का काम करेगा। ऐसे समय में हम सबका एक ही फोकस होना चाहिए, देश का विकास, देश के लोगों के सपने को पूरा करने का संकल्प। यही समय की मांग है। हमारे देश की युवा पीढ़ी का सामर्थ्य पूरा देश मान रहा है। दुनिया के भविष्य में भारत किस प्रकार योगदान दे सकता है, विश्व के देशों में यह विश्वास बढ़ता जा रहा है।

भारत की इन उपलब्धियों से कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों को अविश्वास है

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जब चारों तरफ संभावनाएं हैं, तब विपक्ष ने जनता के आत्मविश्वास को तोड़ने की विफल कोशिश की है। आज भारत में रिकार्ड विदेशी निवेश आ रहा है। आज गरीब के दिल में अपने सपने पूरा करने का भरोसा पैदा हुआ है। आज देश में गरीबी तेजी से घट रही है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल में साढ़े तेरह करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। आईएमएफ अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि भारत ने गरीबी को लगभग खत्म कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि जल जीवन मिशन के जरिए चार लाख लोगों का जीवन बच रहा है। ये चार लाख लोग हमारे देश के गरीब लोग हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि स्वच्छ भारत अभियान से तीन लाख लोगों को मरने से बचाया गया है। ये तीन लाख लोग वो हैं जो झुग्गी में रहते हैं। शहरों और गांवों की बस्तियों में रहने वाले वंचित लोग हैं। यूनिसेफ ने कहा है कि स्वच्छ भारत अभियान के कारण हर साल गरीबों के 50 हजार रुपये बच रहे हैं, लेकिन भारत की इन उपलब्धियों से कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों को अविश्वास है। अविश्वास और घमंड इनकी रगों में बस गया है। शुतुरमुर्ग अप्रोच है इसके लिए देश क्या कर सकता है।

इनका सबसे प्रिय नारा है मोदी तेरी कब्र खुदेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान विपक्ष को शर्मसार करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों की सोच है कि कुछ शुभ हो रहा हो, कुछ अच्छा हो, तो काला टिका लगा देते हैं। आज विश्व में देश की जय-जयकार हो रही है। विपक्षी दलों के लोगों ने काले कपड़े पहनकर देश को काला टिका लगाने का काम किया है। मोदी ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने भरपूर अपशब्दों का प्रयोग किया है। इतने अपशब्द बोले हैं, तो शायद इनके मन का गुबार निकल गया होगा। इनका सबसे प्रिय नारा है मोदी तेरी कब्र खुदेगी, लेकिन मेरे लिए इनकी ये गालियां और अपशब्द को मैं टॉनिक बना देता हूं।

विपक्ष के लोगों को सीक्रेट वरदान मिला है

पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं सदन में कुछ राज खोलना चाहता हूं। मेरा पक्का विश्वास है कि विपक्ष के लोगों को सीक्रेट वरदान मिला है। ये लोग जिसका बुरा चाहेंगे, उसका भला ही होगा। 20 साल हो गए मेरे खिलाफ, लेकिन मेरा भला ही होता गया। उन्होंने कहा कि तीन उदाहरण से मैं ये सिद्ध कर सकता हूं। इन लोगों ने कहा था कि बैंकिंग सेक्टर डूब जाएगा, देश बर्बाद हो जाएगा। अफवाहें फैलाने का पूरा काम किया, लेकिन हमारी पब्लिक सेक्टर बैंक का इतना फायदा हुआ कि इनके चेहरे मुरझा गए। इन्होंने एनपीए के जरिए देश को घाटा पहुंचाया था और आज हम इस घाटे से बाहर निकलर विकास की ओर बढ़ रहे हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को लेकर कितनी बुरी बातें इन्होंने कही थी। एचएएल तबाह हो गया है, भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री खत्म हो गई है। जैसे आजकल खेतों में जाकर वीडियो सूट होता है, वैसे ही एचएएल के गेट पर वीडियो सूट कर कामगारों को भड़काया गया था, लेकिन आज एचएएल सफलता की नई बुलंदियों को छू रहा है। उसने अब तक का अपना सबसे ज्यादा रेवेन्यू पाया है। आज एचएएल देश की आन-बान शान बनकर उभरा है। एलआईसी के लिए इन्होंने क्या-क्या कहा था। कहा था कि एलआईसी बर्बाद हो गया है, लेकिन आज एलआईसी बहुत मजबूत हो गई है। ये विपक्ष वाले जिस सरकारी कंपनी को गाली देते हैं, लोग उसमें ज्यादा शेयर लगा देते हैं। मुझे विश्वास है कि ये जैसे देश को, हमारे लोकतंत्र को कोसते हैं, एक दिन हमारा लोकतंत्र भी मजबूत होने वाला है, देश भी मजबूत होने वाला है और हम तो मजबूत होने ही वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले मैंने कहा था कि हमारी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी टॉप अर्थव्यवस्था बनेगा। देश के भविष्य पर थोड़ा भी इन्हें भरोसा होता, तो जिम्मेदार विपक्ष का परिचय देते हुए ये सवाल पूछते कि कैसे करने वाले हो ये। लेकिन ये भी मुझे सिखाना पड़ रहा है।

विपक्ष के मित्रों की फितरत में ही अविश्वास भरा पड़ा है

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष की त्रासदी ये है कि खासकर कांग्रेस के इतने साल सरकार चलाने का अनुभव होने के बावजूद वह कहती है कि सबकुछ अपने आप होने वाला है। इसका मतलब है कि कांग्रेस के पास न विजन है, न नीति है। यही वजह है कि कांग्रेस के शासन में भारत में गरीबी बढ़ती चली गई। 1991 में देश कंगाल होने की स्थिति में था, लेकिन 2014 के बाद भारत ने विश्व के टॉप पांच अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बना ली। कांग्रेस के लोगों को लगता होगा कि ये कोई जादू से हुआ होगा, लेकिन यह सब कठोर परिश्रम, रिफार्म, परफार्म बेहतर नीति से हुआ है। 2028 में आप जब अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे तब ये देश विश्व की तीन अर्थव्यवस्था में शामिल होगा, ये देश का विश्वास है। मोदी ने कहा कि विपक्ष के मित्रों की फितरत में ही अविश्वास भरा पड़ा है। स्वच्छता अभियान के समय भी इन्होंने अविश्वास जताया था। हमने जब जन-धन खाते खोलने की बात की तो भी यही अविश्वास का भाव रखा इन्होने। योग और आयुर्वेद की बात की तो उसका भी माखौल उड़ाया गया। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाया गया।

इनका पाकिस्तान से ऐसा प्रेम था कि उसकी बातों पर विश्वास कर लेते थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके दोस्तों का इतिहास रहा है कि उन्हें भारत पर कभी भरोसा नहीं रहा है। पाकिस्तान सीमा पर हमले करता था, आए दिन आतंकी भेजा जाता था, लेकिन इनका पाकिस्तान से ऐसा प्रेम था कि उसकी बातों पर विश्वास कर लेते थे। कश्मीर आतंकवाद की आग में दिन-रात जलता था, लेकिन कांग्रेस सरकार हुर्रियत पर, पाकिस्तान का झंडा लेकर चलने वालों पर विश्वास करती थी। भारत ने एयर स्ट्राइक की, आतंकियों को खत्म किया, लेकिन इन्हें भारत पर भरोसा नहीं। भारत के खिलाफ अगर कोई बोलता है तो ये तुरंत पकड़कर हल्ला शुरू कर देते हैं। कोरोना महामारी आई, भारत के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन बनाया, लेकिन इन्हें भारत के वैक्सीन पर भरोसा नहीं। इन्हें भारत के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि देश के लोगों का भी कांग्रेस के प्रति नो कॉन्फिडेंस को लेकर विचार गहरा गया है। 61 वर्षों से तमिलनाडु के लोग कह रहे हैं कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस, पश्चिम बंगाल के लोग 51 सालों से कह रहे हैं कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस, यूपी-बिहार में पिछले 38 वर्षों से लोग कह रहे हैं कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस, ओडिशा में 28 वर्षों से कांग्रेस को एक ही जवाब मिल रहा है नो कॉन्फिडेंस। नगालैंड में कांग्रेस की आखिरी जीत 1988 में हुई थी। यहां के लोग भी 25 वर्षों से कांग्रेस को कह रहे हैं कि नो कॉन्फिडेंस।

पुराने यूपीए का आपने अंतिम संस्कार कर दिया है, मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं

पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर और इंडिया नाम रखने पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष के लोगों ने कुछ दिन पहले बेंगलुरु में मिलकर डेढ़-दो दशक पुराने यूपीए का अंतिम संस्कार किया है। मुझे उसी वक्त संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी, लेकिन इसमें मेरा दोष नहीं है। क्योंकि आप खंडहर पर नया प्लास्टर लगाने का जश्न मना रहे थे। फेल मशीन पर नया पेंट लगाने का जश्न मना रहे थे। मजेदार ये कि मजमा खत्म होने से पहले ही उसका क्रेडिट लेने के लिए आप लोगों में सिर फुटौवल शुरू हो गया। मोदी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या ये गठबंधन लेकर विपक्षी दल के लोग जनता के बीच जाएंगे।

दूर युद्ध से भागते नाम रखा रणधीर…

पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जिन्हें केवल नाम का सहारा है उनके लिए कहा गया है, दूर यु्द्ध से भागते नाम रखा रणधीर, भाग्य चंद की आज तक सोई है तकदीर। पीएम ने कहा कि इन लोगों ने India के भी टुकड़े कर दिए और नाम कर लिया I.N.D.I.A। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लगता है कि देश के नाम का इस्तेमाल करके अपनी विश्वसनीयता बढ़ाई जा सकती है, लेकिन तमिलनाडु सरकार के एक मंत्री ने दो दिन पहले ही कहा है कि इंडिया उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। नाम को लेकर इनका ये चश्मा आज का नहीं है। ये दशकों पुराना चश्मा है। इन्हें लगता है नाम बदलकर देश पर राज कर लेंगे। गरीब को इनका नाम तो नजर आता है, लेकिन काम नजर नहीं आता। अपने नाम से योजनाएं चलाईं और लाखों-करोड़ों का भ्रष्टाचार किया। चुनाव चिह्न से लेकर विचारों तक सबकुछ कांग्रेस अपना होने का दावा करती है, लेकिन वो दूसरों से लिया हुआ है। अपनी कमियों को ढ़कने के लिए चुनाव चिह्न और विचारों को भी चुरा लिया। फिर भी जो बदलाव हुए हैं उसमें इनका घमंड ही दिखता है।

ये इंडिया गठबंधन नहीं है, ये घमंडिया गठबंधन है

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 1920 में देश को एक ध्वज प्रतीक के रूप में मिला, कांग्रेस ने उस प्रतीक को भी चुरा लिया। वोटरों को लुभाने के लिए गांधी नाम भी चुरा लिया। चुनाव चिह्न दो बैल, गाय का बछड़ा और हाथ का पंजा बताता है इनकी कहानी। ये इंडिया गठबंधन नहीं है ये घमंडिया गठबंधन है और इसकी बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है। सबको प्रधानमंत्री बनना है। पिछले साल केरल में कांग्रेस के कार्यालय में तोड़फोड़ करने वालों के साथ भी इन्होंने दोस्ती कर ली। अभी हालात ऐसे हैं इसलिए हाथों में हाथ, जहां हालात बदले फिर छुरियां भी निकलेंगी।

कांग्रेस को परिवारवाद पसंद है, दरबारवाद पसंद है

पीएम मोदी ने कहा कि घमंडिया गठबंधन परिवारवाद का प्रतीक है। कांग्रेस को परिवारवाद पसंद है, दरबारवाद पसंद है। इस दरबार सिस्टम ने कई विकेट लिए हैं, कईयों के हक लिए हैं। बाबा साहेब आंबेडकर के कपड़ों पर ये सवाल उठाते थे। लोहिया जी की पोट्रेट भी संसद में तब लगी जब 1991 में गैर कांग्रेस सरकार थी। सरदार साहब के योगदान को भी इन्होंने स्वीकार नहीं किया। हमने उनका सम्मान किया। दुनिया की सबसे ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई।

राहुल की रावण वाली टिप्पणी पर दिया जवाब

पीएम मोदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए रावण का उद्धरण देकर खुद पर की गई टिप्पणी पर भी बोला। उन्होंने कहा कि लंका हनुमान ने नहीं जलाई, रावण के घमंड ने जलाई ये सच है। देखिए जनता जनार्दन भगवान राम रूपी है और इसलिए 400 से 40 हो गए। हनुमान ने लंका नहीं जलाई, इसलिए 400 से 40 हो गए। सच्चाई तो ये है कि देश की जनता ने तीस साल के बाद दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, लेकिन गरीब का बेटा यहां कैसे बैठा है, ये इनकी समस्या है। कभी इनके जन्मदिन पर हवाई जहाज में केट काटे जाते थे, आज उसी हवाई जहाज में गरीब के लिए वैक्सीन जाता है। एक जमाना था कभी ड्राईक्लीन के लिए कपड़े हवाई जहाज से जाते थे। आज गरीब चप्पल पहनकर हवाई जहाज से जा रहा है। मौज-मस्ती के लिए नौ सेना के युद्धपोत मंगा लेते थे, लेकिन आज वही युद्धपोत दूरदराज से भारतीयों को देश लाने का काम करते हैं।

अब उनके दिल का भी पता चल गया

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ बातें मुझे समय पर कहने का अवसर मिलता है। कल यहां दिल से बात करने की बात कही गई थी। उनके दिमाग के हाल को तो देश लंबे समय से जानता है। अब उनके दिल का भी पता चल गया। इनका मोदी प्रेम तो इनका बड़ा है कि सपने में भी मोदी नजर आता है। मोदी पानी भी पीए, तो कहते हैं देखिए मोदी को पानी पिला दिया। गरीब के लिए कहीं धूप में चलता हूं और पसीना आ जाता है, तो कहते हैं देखिए मोदी को पसीना ला दिया।

शर्म करो नफरत की दुकान वालों, तुमने सेना का स्वाभिमान बेचा है

पीएम मोदी ने राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान को लेकर कही गई बातों का जिक्र करते हुए कई कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस की मुसीबत समझता हूं। वर्षों से एक ही फेल प्रोडक्ट बार-बार लांच करते हैं और वो फेल हो जाता है। लेकिन पीआर वाले मोहब्बत की दुकान का प्रचार करते हैं। देशवासी कहते हैं कि ये है लूट की दुकान है। तुम्हारी दुकान ने इमरजेंसी बेची है, बंटवारा बेचा है, सिखों पर अत्याचार बेचा है। शर्म करो नफरत की दुकान वालों, तुमने सेना का स्वाभिमान बेचा है। अगर गरीब विदेश जाए तो सालों तक वहां के बारे में बताता रहता है, लेकिन जिन लोगों ने कभी गमले में मूली नहीं उगाई वो खेतों को देखकर हैरान होने वाले ही हैं। ऐसे लोग जब भारत की स्थिति का वर्णन करते हैं तो भूल जाते हैं कि उनके परिवार ने 50 साल तक यहां राज किया था।

मोदी गारंटी देता है कि तीसरे कार्यकाल में देश को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाऊंगा

पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों को पता है कि इनकी नई दुकान पर भी कुछ दिनों बाद ताला लग जाएगा और आज चर्चा के बीच देश के लोगों को मैं इस घमंडिया गठबंधन की आर्थिक नीति से अवगत कराना चाहता हूं। ये चाहते हैं कि देश कमजोर हो, उसका सामर्थ्य कमजोर हो। चुनाव जीतने के लिए अनाप-शनाप वादें किए जा रहे हैं और जनता पर अनावश्यक बोझ डाले जा रहे हैं। ये लोग भारत के दिवालिया होने की गारंटी हैं। ये इकोनमी को गिराने की गारंटी हैं। पॉलिसी पैरालिसिस की गारंटी हैं। करप्सन की, तुष्टिकरण की, परिवारवाद की गारंटी हैं। आतंक और हिंसा की गारंटी हैं। ये कभी भारत को टॉप तीन अर्थव्यवस्था बनाने की गारंटी नहीं दे सकते। मोदी गारंटी देता है कि तीसरे कार्यकाल में देश को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाऊंगा।

देश मणिपुर के लोगों के साथ है, ये सदन उनके साथ है

पीएम मोदी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभ में मणिपुर मुद्दे पर सभी बातें कहीं। हमने पहले भी कहा था कि अकेले मणिपुर विषय पर आओ चर्चा करो, लेकिन इन्हें खुद पर भरोसा नहीं था। मणिपुर मुद्दे पर अमित शाह ने राजनीति के बिना सभी विषय को विस्तार से समझाया और देश की जनता को जागरूक करने का प्रयास था। मणिपुर की समस्या से निजात पाने के लिए रास्ते खोजने का प्रयास था, लेकिन इन्होंने खेल किया। अमित शाह ने विस्तार से बताया कि मणिपुर में अदालत का फैसला आया और पक्ष-विपक्ष में जो भाव बने उससे हिंसा शुरू हो गई। दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार पूरा प्रयास कर रही है। बहुत जल्द शांति का सूरज उगेगा और मणिपुर आगे बढ़ेगा। मणिपुर के लोगों से कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ है, ये सदन आपके साथ है। हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकलेंगे। मोदी ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि मणिपुर फिर विकास के पथ पर आगे बढ़े इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

मां भारती को लेकर जो कहा गया है उसने हर भारतीय को चोट पहुंचाई है

पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन में मां भारती को लेकर जो कहा गया है उसने हर भारतीय को चोट पहुंचाई है। क्या भाषा बोल रहे हैं ये। पता नहीं क्यों, कुछ लोग भारत माता की मृत्यु की कामना करते नजर आ रहे हैं। ये कभी लोकतंत्र तो कभी संविधान की हत्या की बात करते हैं। ये वो हैं जिन्होंने मां भारती के तीन-तीन टुकड़े कर दिए। ये लोग किस मुंह से ऐसा बोलने की हिम्मत करते हैं। जिस वंदेमातरम् गीत से हिंदुस्तान को प्रेरणा मिलती है, उन्होंने वंदेमातरम् गीत के भी टुकड़े कर दिए। भारत तेरे टुकड़े होंगे ये उनको बढ़ावा दे रहे हैं।

1966 में कांग्रेस ने मिजोरम में असहाय नागरिकों पर वायुसेना के माध्यम से हमला करवाया था

पीएम मोदी ने कहा कि एक सच्चाई बहुत दुख के साथ सदन के सामने रखना चाहता हूं। 5 मार्च 1966 के दिन कांग्रेस ने मिजोरम में असहाय नागरिकों पर वायुसेना के माध्यम से हमला करवाया था। आज भी मिजोरम 5 मार्च को शोक मनाता है। इन्होंने कभी घाव भरने का काम नहीं किया। कांग्रेस ने यह सच देश से छुपाया है। क्या अपने ही देश में वायुसेना से हमला कराना है। देश जानता है इस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। नार्थ ईस्ट के लोगों के साथ इन्होंने छल किया है। 1962 का वो खौफनाक रेडियो प्रसारण आज भी नार्थ ईस्ट के लोगों को चुभता है। देश पर चीन ने हमला कर दिया था, लोग मदद की अपेक्षा कर रहे थे, ऐसी विकट घड़ी में दिल्ली के शासन पर बैठे हुए पंडित नेहरू द्वारा कही गई बात असम के लोगों को चुभती है। लोहिया जी ने नेहरू जी पर गंभीर आरोप लगाया था। लोहिया जी ने कहा था कि जानबूझकर नेहरू जी नार्थ ईस्ट का विकास नहीं कर रहे। ये बहुत लापरवाही और खतरनाक बात है। नार्थ ईस्ट के लोगों की भावना को ये समझते नहीं। मैं स्वयं 50 बार नार्थ ईस्ट गया हूं। ये हमारा नार्थ ईस्ट के प्रति समर्पण है। मैं 9 साल के अपने प्रयासों से कहता हूं कि हमारे लिए नार्थ ईस्ट हमारे जिगर का टुकड़ा है।

मणिपुर की समस्याओं के लिए सिर्फ कांग्रेस जिम्मेदार

पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर को लेकर ऐसे बताया जा रहा है जैसे आज ही ये समस्या पैदा हुई हो। इन समस्याओं के लिए सिर्फ कांग्रेस जिम्मेदार है। मणिपुर में एक समय था जब हर व्यवस्था उग्रवादी संगठनों के कहने पर चलती थी। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। महात्मा गांधी की फोटो मणिपुर में नहीं लगाने दिया जाता था, तो कांग्रेस की सरकार थी। मणिपुर में शाम चार बजे मंदिर की घंटी बंद हो जाती थी, इंफाल के इस्कान मंदिर पर बम फेंका गया, तो कांग्रेस की सरकार थी। मणिपुर में शांति स्थापना के लिए एक विश्वास जगाने का हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं, जितना हम राजनीति को दूर ऱखेंगे ये उतना बेहतर तरीके से होगा। पहली बार मणिपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बन रही है।

2028 में जब मेरी सरकार के खिलाफ अविश्वास लेकर आओ तो थोड़ी मेहनत करना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्ष का एक बात के लिए तारीफ करता हूं। सदन के नेता के नाते मैंने 2018 में उनको काम दिया था कि 2023 में मेरी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आना। मेरी बात मानी उन्होंने। मुझे लगा कुछ तैयारी करेंगे, लेकिन पांच साल में कोई तैयारी नहीं कर पाए। कोई इनोवेशन नहीं। मैं चाहता हूं 2028 में जब मेरी सरकार के खिलाफ अविश्वास लेकर आओ तो थोड़ी मेहनत करना, होमवर्क करना। देश की जनता को इतना तो लगे कि हां आप विपक्ष में बैठने लायक हो।

देश की जनता पर मेरा अटूट विश्वास

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा देश की जनता पर अटूट विश्वास है। गुलामी के कालखंड में भी अपने विश्वास को इन्होंने हिलने नहीं दिया। विश्वास की लौ को बुझने नहीं दिया। बीते नौ वर्षों में जनता का विश्वास नई बुलंदियों को छू रहा है। नए अरमानों को छू रहा है। हर भारतीय विश्वास से भरा हुआ है। आज का भारत न दबाव में आता है न झुकता है। जब देश का सामान्य जनमानस भारत पर विश्वास करने लगता है, तो दुनिया भी भारत पर विश्वास करने लगती है। समझ नहीं सकते तो चुप रहो, लेकिन देश के विश्वास को तोड़ने की कोशिश मत करो। 2047 में जब हम आजादी का स्वर्णिम युग मनाएंगे तो हिंदुस्तान विकसित हिंदुस्तान होगा। ये देशवासियों के विश्वास और परिश्रम से होगा, ये मेरा विश्वास है।

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