गुरुग्राम: हरियाणा के नूंह, गुरुग्राम समेत अन्य कुछ हिस्सों में 31 जुलाई से हो रही हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस दौरान उपद्रवियों ने कई दुकानें और सैकड़ों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। वहीं गुरुग्राम में उपद्रवियों ने मस्जिद में मौजूद 22 वर्षीय मौलवी नायब इमाम साद की बेहरमी से हत्या कर दी। मृतक के परिजनों का कहना है कि इसमें इमाम की कोई गलती नहीं थी, लेकिन फिर भी दंगाइयों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। वहीं अब एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत की है।
ओवैसी ने परिजनों को मदद का दिया आश्वासन
हिंसा में मारे गए इमाम के परिजनों से बात करने का वीडियो ओवैसी ने खुद रीट्वीट किया है। दरअसल, ओवैसी से बात करते हुए मृतक के परिजनों ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था जिसे ट्विटर पर पोस्ट किया गया है। एआईएमआईएम के प्रमुख ने इमाम के परिजनों से बात कर मदद का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही ये भी कहा कि हिम्मत से काम लें, हम इंसाफ के लिए लड़ेंगे और बोलेंगे। इस दौरान ओवैसी ने परिजनों के घर आकर भेंट करने की भी बात कही।
ये कहां का इंसाफ है?
वहीं, इमाम के पिता मुश्ताक ने कहा कि AIMIM सांसद ओवैसी से बातचीत के दौरान कहा कि हम लोगों को निशाना बनाया जाता है, मौलवियों को निशाना बनाया जाता है, दाढ़ी वालों को निशाना बनाया जाता है, न रेहड़ी लगाने देता है, न पटरी लगाने देता है। ये कहां का इंसाफ है?हम कुर्ता पायजामा नहीं पहनेंगे तो क्या अंग्रेजों का लिबास पहनें?इस पर औवेसी कहते हैं कि आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं। AIMIM सांसद ने कहा कि आप चिंता ना करिए और हिम्मत से काम लीजिए। बता दें कि ओवैसी के इस वीडियो को उनके कुछ समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
अपने तो अपने होते हैं :@aimim_national के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद हैदराबाद जनाब #BR. @asadowaisi साहब ने शहीद हाफिज साद रह०अलै० के वालिद साहब से बात की और अपनी सम्वेदना प्रकट करते हुए ये आश्वासन दिया कि मैं हर संभव मदद करूंगा। अल्लाह हमारे सदर को लम्बी उम्र अता करे।… pic.twitter.com/t4c9vcGcG0
سیّد بابا (@SyedBabaG) August 2, 2023
31 जुलाई को शुरु हुई हिंसा
गौरतबल है कि 31 जुलाई को प्रदेश के नूंह में विश्व हिंदू परिषद की ब्रज मंडल यात्रा के दौरान हिंसा हो गई जिसकी आग अब तक जल रही है। इस हिंसा में दो होम गार्डस समेत 6की मौत हो गई, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।डीजीपी पीके अग्रवाल ने बताया कि अब मामले की जांच एसआईटी करेगी। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि दंगाइयों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने ये भी कहा है कि हिंसा में हुए नुकसान की वसूली दंगाइयों से ही की जाएगी। बता दें कि मामले में अब 41 के खिलाफ एफआईआर, 116 को गिरफ्तार और 90 आरोपियों को डिटेन किया गया है।