शुभम रावत
नूंह हिंसा:हरियाणा के नूंह हिंसा की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। चार दिन के बाद भी प्रदेश में बवाल जारी है। नहूं हिंसा के दंगाईयों ने एक महिला जज की कार को आग के हवाले कर दिया। इस बात का खुलासा हिंसा के तीन दिन बाद हुआ।
एसीजेएम की गाड़ी में लगाई आग
सोमवार कोवीएचपी की ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसा पूरे हरियाणा में फैल चुकी है। गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे जिले भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात है। नूंह हिंसा की चपेट मेंडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) और उनकी बेटी भी शिकार हो गईं। दंगाईयों ने एसीजेएम की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। जज के सामने उनकी कार धूं-धूं करके जल गई।
बाल-बाल बची जज और बेटी की जान
इस हिंसा के दौरान महिला जज के साथ उनकी तीन साल की बेटी भी थी। उपद्रवियों को अपनी ओर आते देख महिला जज वहां से दूसरी ओर भागी और एक बस स्टैंड के पीछे छिप गई। इस तरह उन्होंने किसी तहर से खुद की और अपनी बेटी की जान बचाई।
एफआईआर में हुआ खुलासा
महिला जज की कार को आग लगाने का खुलासा एक एफआईआर के जरिए हुआ। दरअसलनूंह शहर थाने में मंगलवार को दर्ज एफआईआर में बताया गया कि एसीजेएम अंजलि जैन की गाड़ी पर सोमवार को हमलावरों ने पथराव और गोलीबारी की, जिस कारण उन्हें और उनकी बेटी को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। इस मामले पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।आईपीसी की धारा 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी सभा), 435 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से आग लगाना), 307 (हत्या का प्रयास) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।