नई दिल्लीः सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय है। इसलिए सनातन धर्म में सावन मास का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन मास में शिव परिवार की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु मंदिरों में भगवान शिव का दर्शन पूजन, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, सावन मास में प्रत्येक सोमवार को किए गए व्रत और पूजन से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सावन मास में कुंआरी कन्याओं के सोमवार के दिन व्रत रखने से सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।
रुद्राभिषेक से महादेव की असीम कृपा होती है प्राप्त
सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से भी भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त होती है। कुछ ऐसी वस्तुएं हैं जिन्हें रुद्राभिषेक के समय शिवलिंग पर चढ़ाने से माना जाता है कि भक्तों को महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और उनके मनोरथ सिद्ध होते हैं।
क्या आप जानते हैं रुद्राभिषेक के ये लाभ
1- शिवलिंग पर जल से रुद्राभिषेक करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
2- शिवलिंग पर दही से रुद्राभिषेक करने से संपत्ति या घर से जुड़े लाभ प्राप्त होते हैं।
3- शिवलिंग पर शहद से रुद्राभिषेक करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और इसे अति उत्तम माना जाता है।
4- शिवलिंग पर घी से रुद्राभिषेक करने से यश, कीर्ति और सम्मान की प्राप्ति होती है।
5- शिवलिंग पर गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
6- शिवलिंग पर दूध और शक्कर मिलाकर जो छात्र अभिषेक करते हैं, उनके ज्ञान में वृद्धि होती है और परीक्षा में परिणाम उनके पक्ष में आता है।
19साल बाद बना है विशेष योग
इस बार सावन मास में 19साल बाद विशेष योग बना है। इस कारण सावन का महीना 59दिनों का है और इसमें 8सोमवार पड़ रहे हैं। 31जुलाई को सावन के चौथे सोमवार के दिन शिव का वास नंदी पर है।
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)