रोहतक: हरियाणा के रोहतक में एक आठ साल की बच्ची की गवाही पर अदालत ने उसकी मां और उसकी मां के प्रेमी को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अगर आरोपी कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें पांच साल के अलावा अतिरिक्त सजा दी जा सकती है। बता दें कि यह फैसला पॉक्सो एक्ट के विशेष जज एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने छेड़छेड़ के मामले में सुनाई है।
दरअसल, जून 2021 में शिवाजी कॉलोनी थाने में एक युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके ही गांव का एक युवक उसकी पत्नी और उसके आठ वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर लेकर चला गया है। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पीड़ित अपनी बेटी और पत्नी की तलाश में लगा हुआ था। इसी बीच महिला थाने से कॉल आया कि आपकी बेटी और पत्नी थाने में है, आप यहां आ जाइए। जब युवक वहां पहुंचा तो उसकी बेटी ने अपनी मां की करतूत अपने पिता को बताया।
बच्ची को देती थी नींद की दवा
पीड़ित की आठ वर्षीय बेटी ने उसे बताया कि आरोपी और उसकी मम्मी उसे बहादुरगढ़ ले गए। वहां उसकी मां आरोपी यानी अपने प्रेमी के कहने पर बच्ची को नींद की दवा दे देती थी। बच्ची ने ये भी आरोप लगाया कि आरोपी उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था। इतने सारे आरोपों को सही पाने के बाद पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी के खिलाफ शिकायत दर्ज की। हालांकि यह मामला जब कोर्ट पहुंचा तब सुनवाई के दौरान बच्ची के पिता ने कोई ठोस गवाही नहीं दिया।
पत्नी को वापस पाने की चाहत में नहीं दी ठोस गवाही
इस मामले में पीड़िता के वकील ने बताया कि अदालत में केस की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पिता को उम्मीद थी कि वह उसके साथ वापस आ जाएगी और दोबारा से उसके साथ घर बसाएगी। इसी उम्मीद में वह अपनी पत्नी के खिलाफ ठोस गवाही नहीं दे सका। जबकि आठ साल की बच्ची ने अदालत में कहा कि आरोपी ने उसके साथ अभद्रता की। साथ ही उसकी मां ने आरोपी के कहने पर नशे की गोलियां दीं।
अब कोर्ट ने आईपीसी की धारा 354ए के तहत आरोपी महिला व उसे प्रेमी को तीन साल की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, 10 व 17 पॉक्सो एक्ट में पांच-पांच साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना और आईपीसी की धारा 506 व 34 के तहत तीन-तीन साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।