केन्द्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि देशहित में हर मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से लेकर 11 अगस्त चक चलेगा। अंधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि सत्र चले तो विपक्ष के हर मुद्दे पर जगह देनी होगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई यानि गुरुवार को शुरू हो रहा है। सत्र से पहले केन्द्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। जिसमें सत्र से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। सरकार का कहना है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। मणिपुर हिंसा पर भी चर्चा की जाएगी।
केन्द्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि देशहित में हर मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से लेकर 11 अगस्त चक चलेगा। अंधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि सत्र चले तो विपक्ष के हर मुद्दे पर जगह देनी होगी।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का कहना है कि हमने बैठक में दिल्ली के अध्यादेश का मुद्दा उठाया। सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों का फैसला 8 दिन में कैसे बदल दिया गया। अध्यादेश के जरिए संविधान संशोधन कैसे किया जा सकता है। सत्र में दिल्ली की सरकार इस अध्यादेश का पुरजोर विरोध करेगी।
बताया जा रहा है कि सत्र में 31 बिलों को पेश किया जाएगा। जिसमें यूसीसी और दिल्ली के अध्यादेश से जुड़ा बिल होगा। सत्र का पहला दिन ही हंगामेदार रहने की संभावना है। आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष के कई पार्टियां इस बिल का विरोध करेगी।
जानकारी के लिए बता दे कि बैठक में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, जयराम रमेश, संजय सिंह, अनुप्रिया पटेल, रामगोपाल यादव और एडी समेत कई बड़े नेता अलग-अलग पार्टियों से शामिल हुए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सर्वदलीय बैठक को 18 जुलाई को बुलाया था।
सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक जारी, पेश हो सकते हैं 31 बिल, मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए सरकार तैयार”