Virat Kohli 500 Match:भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। पहले मैच को भारत ने बड़े अंतर से जीता है। अब सीरीज का दूसरा मैच 20 जुलाई से खेला जाना है। इस मैच का खास बात यह है कि यह मैच विराट कोहली का 500वां अंतरराष्ट्रीय मैच है। विराट कोहली के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
15 साल का लेखा-जोखा
अपने क्रिकेट करियर में कोहली ने अब तक 110 टेस्ट, 274 वनडे और 115 टी20 मैच खेले हैं। सभी को मिलाकर कुल 499 मैच हो जाते हैं। विराट कोहली ने तीनों प्रारुप में 100 से ज्यादा मैच खेले हैं और अभी खेलना जारी है। यहां तक पहुंचने के लिए विराट कोहली ने बड़े-बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। तीनों फॉर्मेट के ये आंकड़ें कोहली के 15 साल का लेखा जोखा है।
15 साल के लंबे करियर में यहां तक पहुंचने के लिए कोहली अब किस पड़ाव पर है। क्या विराट कोहली अब भी उतने बड़े गेमचेंजर है, क्या कोहली की रनों की भूख बराबर है और वह लगातार उसी कंसिस्टेंसी के साथ रन बना रहे हैं। बीते 3-4 सालों के प्रदर्शन पर अगर नजर डाली जाए तो प्रदर्शन में गिरावट आई है। विराट कोहली ने कुछ सालों में अपनी साख के साथ-साथ बहुत कुछ खोया है। यह एक आत्ममंथन का विषय जरूर है।
कोहली की फॉर्म का स्तर गिरा
बीते सालों में विराट कोहली की फॉर्म का वह स्तर नहीं रहा जिसके लिए कोहली जाने जाते हैं। कहा जाता था कि 50 से ज्यादा रन बनाने के बाद कोहली शतक से पहले नहीं रूकते थे। लेकिन बीते 3 से 4 सालों का प्रदर्शन देखें तो वह करीब दर्जनभर मौकों पर शतक से पहले आउट हुए हैं। डोमिनिका टेस्ट मैच में कोहली ने 76 रन बनाए और इसके लिए 182 गेंदों का सामना किया था। जिसमें केवल 5 चौके शामिल थे।
अगर कोहली के स्ट्राइक रेट की बात की जाए तो उनका करियर स्ट्राइक रेट 55 का है। जबकि 76 रनों की पारी खेलने के लिए उनता स्ट्राइक 42 के आस पास था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान गेंदबाजी आक्रमण औसत था। विंडीज के पास गेंदबाजी विभाग में कोई बड़ा नाम नहीं था। यह पारी बहुत रक्षात्मक होकर खेली गई थी बावजूद इसके इसे शतक में नहीं बदला गया।
अक्सर, विराट कोहली के लिए कहा जाता था कि वह गलती को सिर्फ एक बार करते हैं उसे बार-बार नहीं दोहराते। बीते कुछ सालों में वह धीमी शुरूआत करने के बाद भी पारी को लंबा नहीं खींच पाए हैं। शतक से पहले ही आउट होकर चलते बने। इसके अलावा पिछले कुछ समय में फैब-4 पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बाबर आजम, केन विलियम्सन और स्टीव स्मिथ ने कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।
75 शतक और 131 फिफ्टी ठोकी
499 इंटरनेशनल मैच में विराट कोहली ने 25461 रन बनाए हैं। जिसमें 75 शतक और 131 फिफ्टी और 53.48 का औसत रेट शामिल है। कोहली का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह किस स्तर के खिलाड़ी है। विराट को सबकुछ पता है उन्हें कुछ बताने की जरूरत नहीं है। वह 35 साल की उम्र में बेहतर फिट नजर आ रहे हैं। आने वाले 3 से 4 साल और शानदार खेल दिखा सकते हैं। लेकिन कोहली को अपना पुराना अंदाज मैदान में लेकर उतरना होगा। जिसके लिए वह दुनियाभर में जाने जाते हैं।