दिल्ली के सीएम का कहना है कि गृह मंत्रालय को इसमें दखल देना होगा क्योंकि यमुना का जलस्तर हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी से बढ़ रहा है। हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। 45 सालों में पहली बार यमुना का जलस्तर 207.55 मीटर तक पहुंचा है। उत्तर भारत में मानसूनी बारिश जारी है।
भारी बारिश के कारण कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इनमें से राजधानी दिल्ली एक है। इस समय राजधानी में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर है। यमुना के आस-पास इलाकों में घर और दुकान सब डूब गए है। सड़कें भी तालाब में तब्दील है। गहराते सकंट के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चिंता जताई और गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। यमुना का बढ़ रहा जलस्तर दिल्ली के सीएम का कहना है कि गृह मंत्रालय को इसमें दखल देना होगा क्योंकि यमुना का जलस्तर हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी से बढ़ रहा है।
हथिनीकुंड से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। 45 सालों में पहली बार यमुना का जलस्तर 207.55 मीटर तक पहुंचा है। बुधवार सुबह जलस्तर 207.72 तक रहा। केजरीवाल ने आगे कहा कि इस साल सितंबर महीने में जी-20 सम्मेलन होना है। जिसको देखते हुए इस ध्यान देना होगा नहीं तो यह अच्छा संदेश नहीं जाएगा। अधिकारियों से हो रही बातचीत- सौरभ भारद्वाज दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है कि हम हरियाणा सरकार के संपर्क में है। लगातार हरियाणा के अधिकारियों से बातचीत हो रही है। यमुना में जो पानी आ रहा है वह दिल्ली का नहीं है। राजधानी में बारिश 8 और 9 जुलाई को हुई थी। इसके बाद भी यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथिनीकुंड का पानी यमुना में आ रहा है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।