जयपुर: राजस्थानकी राजधानी जयपुर शहर से एक रोचक मामला सामने आया है। जहां एक पत्नी ने अपने पति से गुजारे की रकम की मांग की। पत्नी की इस मांग पर पति 7 बोरियों में 55 हजार के सिक्के लेकर फैमली कोर्ट पहुंच गया।
पति ने 7 बोरियों में पत्नी को दी गुजारा भत्ता की राशि
यह दुनिया किस्सों-कहानियोंऔर रोचक मामलों से भरी पड़ी है। ऐसा ही एक मामला पिंक सिटी जयपुर में देखने को मिला है। जहां एक पत्नी ने अपने पति से अलग होकर उससे गुजारा भत्ता राशि मांग ली। पति को अपनी पत्नी की इस मांग से बिल्कुल भी ऐतराज नहीं था, लेकिन उसके पैसे देने का तरीका पत्नी को खटक गया। पति ने अपने पत्नी को नोटों की जगह 55 हजार रुपये के सिक्के पहुंचवा दिए।
55 हजार के सिक्के के रुप में भरण-पोषण की रकम
दरअसल दशरथ और सीमाकि करीब 10 साल पहले शादी हुई थी। शादी के 3-4 साल के बाद तक तो दोनों बहुत खुशी-खुशी साथ रहे फिर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। जिसके बाद दशरथ ने अपनी पत्नी सीमा से तलाक लेने के लिएकोर्ट में अर्जी डाल दी। इस मामले पर अदालत ने सुनवाई करते हुए पति को हर महीने पत्नी को भरण-पोषण के 5 हजार रुपए देने के निर्देश दिए। इसके बाद जयपुर की कोर्ट में एक युवक 7 बोरियों में 55 हजार रुपए लेकर पहुंच गया।
पत्नी बोली ये गुजारे की रकम नहीं प्रताड़ना है
दशरथ कोर्ट में भरण-पोषण की रकम के रुप में 7 बोरियों में 55 हजार रुपये के सिक्के लेकर पहुंचा तो सब चौंक गए। यह देखकरदशरथ की पत्नी सीमा नाराज हो गई। गुस्साई पत्नी ने इसे मानसिक उत्पीड़न करार देते हुए कहा ये गुजारे की रकम नहीं बल्कि प्रताड़ना है।सीमा के वकील रामप्रकाश कुमावत का कहना है कि इन सिक्कों को गिनने में ही 10 दिन लग जाएंगे।
पति ने कहा ये लीगल करेंसी है
वहीं पति ने पत्नी को भरण-पोषण के लिए दिए गए इन पैसों को सही बताया है। दशरथ ने कोर्ट में कहा कि ये भारत की लीगल करेंसी है, इसे स्वीकार किया जाए।
कोर्ट नेसिक्कों की गिनती के दिए आदेश
रमन गुप्ता के मुताबिक दशरथ पिछले 11 महीने से यह रकम पत्नी को नहीं दे रहा था। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ वसूली वारंट जारी किया। इसके बाद भी उसने पैसे नहीं दिए तो गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ। पुलिस ने दशरथ को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। पैसे चुकाने पर उसे जमानत दे दी गई।वहीं जयपुर की फैमली कोर्ट ने पतिको आदेश दिया कि सिक्कों की गिनती कराकर 1-1 हजार रुपए की थैलियां बनाकर पत्नी को दें। इस मामले की अगली सुनवाई 26 जून को है।