Yogi Adityanath: यूपी ने अपनाया हरियाणा का ‘मनोहर मॉडल’, बेरोजगारी से निपटने के लिए प्लान तैयार

Yogi Adityanath:यूपी की योगी सरकार ने हरियाणा की मनोहर सरकार का अनुकरण किया है। हरियाणा की तरह यूपी में अब बेरोजगारी को कम किया जाएगा। प्रदेश की योगी सरकार रिक्त पड़े पदों के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों को शामिल करने की योजना बना रही है। हरियाणा की तरहयोगीसरकार एक कौशल रोजगार निगम की स्थापना करेगी और आउटसोर्सिंग-आधारित अवसर के लिए समर्पित एक रोजगार पोर्टल लॉन्च करेगी।

श्रम विभाग ने दिया प्रस्ताव करने का निर्देश

बता दे कि यूपी श्रम विभाग को इस पहल के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। आउटसोर्सिंग के माध्यम से सभी रोजगारों की निगरानी श्रम विभाग स्वयं करेगा। राज्यभर के सरकारी विभागों को विभिन्न श्रेणियों में रिक्त पदों के बारे में पोर्टल को सूचित करना आवश्यक होगा। तकनीकी और पर्यवेक्षी स्तर के पदों के लिए चयन प्रक्रिया में शैक्षिक योग्यता, साक्षात्कार प्रदर्शन और प्रासंगिक अनुभव जैसे कारकों पर विचार किया जाएगा। साक्षात्कार घटक कुल अंकों का 20 प्रतिशत होगा।

15 तारीख को मिलेगा वेतन

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह की 15 तारीख तक सीधे उनके बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसियों को कर्मचारियों के वेतन से मात्र 4.5 प्रतिशत का निश्चित कमीशन प्राप्त होगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं बढ़ाया जाएगा।

बीते कुछ सालों में हरियाणा में इस प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के बाद, जिलों को ए, बी और सी ग्रेड में वर्गीकृत किया गया था। ए-श्रेणी के जिलों में, स्तर 1 के कर्मचारियों को 17,500 रुपए का मासिक वेतन मिलता है, जबकि स्तर 2 के कर्मचारियों को 20,590 रुपए मिलते हैं। स्तर 3 के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को वर्तमान में 21,200 रुपए और स्तर 4 के कर्मचारियों को 22,420 रुपए मिलते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार अब इसी मॉडल के आधार पर इसी तरह का पैटर्न अपनाएगी।

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