पटना: बिहार के दरभंगा में बिहार सरकार ने जिस जमीन पर एम्स बनाने का प्रस्ताव दिया है, उसे मोदी सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। मोदी सरकार के इस निर्णय के बाद मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल, बैठक में दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 3,115 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही बैठक में दरभंगा मेडिकल कॉलेज में खर्च करने के अलावा और भी 11 एजेंडों पर मुहर लगी है।
बता दें कि दरभंगा में प्रस्तावित एम्सको केंद्र सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद आज नीतीश कैबिनेट की बैठक हुई। इस मीटिंग में दरभंगा में अस्पताल में विस्तार करने का फैसला लिया गया। हालांकि वर्तमान में 569 करोड़ की लागत से 400 बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है। शेष 2100 बेड वाले उपकरणों सहित अस्पताल भवन के निर्माण होगा। जानकारी के मुताबिक, कुल लागत 2546.41 करोड़ रुपये प्राक्कलित किया गया है।
इसी कड़ी में नीतीश कैबिनेट अपर मुख्य सचिव सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदल गया है। नया नाम विज्ञान,प्रावैद्यिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग होगा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी कि विधायक फंड रिलीज में बदलाव किया गया है। साथ ही साथ सीएम क्षेत्र विकास योजना के गाइडलाइन में संशोधन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अतिरिक्त राशि दी गई है।