नई दिल्ली: रेसलर्स और बृजभूषण शरण के बीच विवाद लगातार जारी है। आज बड़ी खबर सामने आ रही है इसी मामले में अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने के लिए बृजभूषण शरण की आयोध्या में होने वाली रैली को रद्द कर दिया गया है। इस मामले में बीजेपी हाईकमान ने बृजभूषण शरण को बयानबाजी से बचने की हिदायत जारी की है।
दो मामले हुए हैं दर्ज
बृजभूषण ने महिला पहलवानों के आरोप सामने आने के बाद यह फैसला किया। बृजभूषण के खिलाफ दो FIR की गई हैं। पहली FIR बालिग पहलवानों के आरोपों से जुड़ी है और दूसरी नाबालिग रेसलर्स के आरोपों पर आधारित है।
यह लगे हैं आरोप
बालिग पहलवानों का आरोप है कि बृजभूषण ने कथित रूप से कई बार छेड़छाड़ की। गलत तरीके से उन्हें छुआ। यहां तक कि सांस चेक करने के बहाने उनकी टी-शर्ट उतारी। नाबालिग पहलवान का आरोप है कि बृजभूषण ने उनसे फिजिकल रिलेशन की डिमांड की थी।
नाबालिग पहलवान के पिता का बयान
नाबालिग पहलवान के पिता ने कहा, बेटी ने एशियन चैंपियनशिप में 62KG फ्री स्टाइल में गोल्ड मेडल जीता। फिर 16 साल की उम्र में झारखंड के रांची में नेशनल गेम्स में जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। यहीं पर उनकी बेटी के साथ फोटो लेने के लिए बृजभूषण ने जबरन उसे अपने पास खींचा। उसे बाहों में इतना कसकर जकड़ लिया कि वह खुद को छुड़ाने के लिए हिल तक नहीं पाई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला
पहली FIR भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत दर्ज की गई है। प्राथमिकी में बृजभूषण और WFI सचिव विनोद तोमर का नाम है।