Haryana Pension Scam:हरियाणा पेंशन घोटाले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana HighCourt) ने सख्त रूख अपना रखा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने घोटाले को लेकर सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट (HC) का कहना है कि अभी तक अधिकारी 15 करोड़ की जगह 4.58 करोड़ रुपए वसूल पाए हैं। जबकि इस घोटाले को 10 साल बीत गए और कांग्रेस (Congress) शासन में यह गड़बड़ी सामने आई थी।
HC ने की सख्त टिप्पणी
जानकारी के लिए बता दे कि इस पूरे मामले पर विभाग के प्रधान सचिव कोई कारण नहीं बता पाए हैं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों को न्याय और अधिकारिता के मामलों को देखने की जरूरत थी वहीं इस मामले से पल्ला झाड़कर अलग हो रहे हैं।
सीबीआई करेगी घोटाले की जांच
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का यह आदेश साल 2017 से लंबित एक याचिका में पारित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ। इस घोटाले की जांच सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए। प्रदेश में मृत व्यक्तियों के नाम पर सामाजिक कल्याण पेंशन वितरित की गई।
गौरतलब है कि 10 साल पहले हरियाणा में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। इस सरकार के दौरान हुए घोटाले में कुरुक्षेत्र निवासी व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में तीन तरह के घोटाले का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद अब एक बार फिर से भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ने जा रही है।
CAG की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
हाईकोर्ट का कहना है कि कांग्रेस शासन (Congress Government) में हुए इस घोटाले की जांच सीबीआई (CBI) करेगी। इस पेंशन घोटाले का खुलासा कैग(CAG) की रिपोर्ट में साल 2011 में हो चुका है। कैग( CAG) की रिपोर्ट में कहा गया था कि यह करोड़ों रुपए का घोटाला है। उस समय हरियाणा (Haryana) के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे। इस घोटाले में कई ऐसे जनप्रतिनिधि भी शामिल थे जो अंडर ऐज होने के बाद भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे थे।