नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह शरण की गिरफ्तारी की मांगको लेकर लगातार 34 दिन से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों पर कल दिल्ली पुलिस ने बल का प्रयोग किया। दिल्ली पुलिस ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई मामलों में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कल शाम 7.15 बजे विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और संगीता फोगाट को छोड़ दिया। वहीं रविवार रात 11.30 बजे पहलवान बजरंग पुनिया को भी रिहा कर दिया।
बता दें कि इन पहलवानों पर पुलिस ने कई आरोपों के साथ एफआईआर दर्ज किया है। इसमें धारा 147 (दंगा करने), धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 186 (सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना), 188 (सरकारी कर्मचारी के विधिवत आदेश की अवहेलना), 332 (सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना) और 353 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए आपराधिक बल) के साथ प्रदर्शनकारियों पर सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
दरअसल, पहलवानों का कसूर बस इतना है कि वो अपने लिए न्याय मांग रहे हैं। उनका आरोप है कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने उनका यौन शोषण किया है। इस आरोप के साथ वे लगातार 34 दिनों से धरना दे रहे थे। इस दौरान जंतर-मंतर पर बिजली काटी गई, भोजन-पानी आने का रास्ता रोका गया लेकिन फिर भी वे अपने लिए न्याय मांगती रही।
इतना सब होने के बाद कल यानी बीते रविवार को पहवानों पर बल का प्रयोग किया गया और उनकी गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन अभी तक बृजभूषण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि रिहाई के बाद साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और दूसरे पहलवान फिलहाल अपने घर हरियाणा लौट आए हैं। हालांकि साक्षी मलिक ने कहा कि अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।