पाकिस्तान अब तक सबसे नीचे की जीडीपी पर पहुंचा, प्रति व्यक्ति आय लुढ़की

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। अब तक के समय की पाकिस्तान की जीडीपी सबसे निचले स्तर पर पहुँच चुकी है। पाकिस्तान पर अब विश्व में डिफ़ॉल्ट होने का खतरा पैदा हो गया है। राजनीतिक अस्थिरता, भुगतान संतुलन का संकट, तेजी से कम होता विदेशी भंडार और बढ़ता विदेशी ऋण, यानी कुल मिलाकर पाकिस्तान एक आर्थिक बारूद की ढेर पर बैठा है।

यह बताया जा रहा है कारण

राष्ट्रीय लेखा समिति ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि 30 जून को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद में महज 0.29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। बता दें कि पिछली गर्मियों में विनाशकारी बाढ़ के बाद जून 2022 में निर्धारित पांच फीसदी जीडीपी लक्ष्य को सितंबर में संशोधित कर 2.3% कर दिया गया था।

कोरोना महामारी भी है कारण

1952 तक पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान के इतिहास में यह पांचवीं बार है जब विकास दर 1% से कम रही है। पिछली बार ऐसा वित्त वर्ष 2020 में हुआ था जब कोरोना महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को झटका लगा था।

इन क्षेत्रों में लगा है भारी झटका

पाकिस्तान में 2022-23 के दौरान डॉलर के संदर्भ में इसकी जीडीपी के आकार, विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में भारी गिरावट आई है। यह स्थिति पिछले चार वर्षों में देश के समग्र उत्पादन में सबसे धीमी वृद्धि को दर्शाती है। डॉलर के संदर्भ में अर्थव्यवस्था का आकार वित्त वर्ष 2012 में 375.449 अरब डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 23 में 341.554 अरब डॉलर रह गया। अर्थव्यवस्था के आकार में कमी की वजह पाकिस्तानी रुपये की गिरावट को बताया गया है।

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