Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat HighCourt) से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने राहुल गांधी को अंतरिम संरक्षण (Interim Protection) देने से साफ इंकार कर दिया। गुजरात हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
राहुल याचिका पर हुई सुनवाई
बता दे कि, राहुल गांधी ने मोदी सरनेम (Modi Surname) मानहानि मामले में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर गुजरात हाईकोर्ट में (Gujarat HighCourt) सुनवाई पूरी हो चुकी हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। गर्मी की छुट्टियों के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।
राहुल की ओर अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा पक्ष
जानकारी के लिए बता दे कि,कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा। सिंघवी ने कहा कि यह पहला मामला है जिसमें आपराधिक मानहानि केस के लिए अधिकतम सजा दी गई। इससे पहले मानहानि मामले में इतनी बड़ी सजा नहीं दी गई थी।
कोर्ट में पक्ष रखते हुए मनु सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जिन लोगों ने गवाही दी है वह कई सालों से बीजेपी के सदस्य रहे हैं। उनकी गवाही राहुल गांधी को दोषी ठहराने का एकमात्र सबूत नहीं हो सकती। उसके सबूत को रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य सबूत से पुष्ट किया जाना है।
राहुल गांधी की ओर से पक्ष रखते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी पहले ही संसद सत्रों और समितियों की बैठक में ज्यादा शामिल नहीं रहे हैं। इसलिए राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र को बड़ा नुकसान हो रहा है। राहु गांधी अपने क्षेत्र की समस्या को नहीं उठा पा रहे हैं।
साल 2019 का है मामला
गौरतलब है कि राहुल गांधी की ओर से साल 2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में 23 मार्च को सूरत की अदालत ने फैसला सुनाया था। कोर्ट ने उन्हें धारा 504 के तहत दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट से उन्हें अमल के लिए कुछ दिन की मोहलत मिली थी। इसके साथ ही उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई थी।