प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed)और उसके भाई अशरफ का अंत हो गया है। अब हर रोज उसकी हत्या से जुड़े नए खुलासे हो रहे हैं। यूपी पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि अतीक अहमद ने पुलिस कस्टडी में खुद पर हमला कराने की साजिशरची थी। वो ऐसा इसलिए करना चाहता था कि उसे ज्यादा सुरक्षा मिल जाए।
खुद पर हमला करवाकर बढ़वाना चाहता था सुरक्षा
अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड की जांच यूपी पुलिस कर रही है। माफियों भाईयों के तीनों शूटर्स लवलेश, अरुण और सनी को 4 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा चुकी है। हालांकि उन्होंने अभी तक पूछताछ में हत्या की साजिश में किसी का नाम नहीं बताया है। इसी बीच पुलिस को जांच में पता चला है कि दरअसल अतीक अहमद अपनी हत्या की फेक साजिश रच रहा था। वो पुलिस कस्टडी में खुद पर हमला करवाकर खुद की सुरक्षा बढ़वाना चाहता था। इसके लिए अतीक अहमद ने अपने आस-पास फायरिंग और बमबाजी कराई थी।
गुड्डू मुस्लिम को सौंपी थी जिम्मेदारी
पुलिस जांच के मुताबिक बताया जा रहा है कि अतीक अहमद ने खुद पर हमले की साजिश की जिम्मेदारी अपने एक खास शख्स को दी थी। अतीक का वो खास आदमी कोई और नहीं बल्कि उमेश पाल पर बम बरसाने वाले गुड्ड़ु मुस्लिम ही था। बताया जा रहा है कि गुड्डू मुस्लिम ने अतीक अहमद के कहने पर उसपर हमला करवाने के लिए पूर्वांचल के कुछ बदमाशों से संपर्क साधा था। जानकारी के मुताबिक अतीक अहमद को जब साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था तभी उस पर हमला होना था। योजना के तहत इस हमले में अतीक अहमद को किसी भी तरीके का कोई भी नुकसान नहीं पहुंचना था। अतीक पर हमले की घटना में उसके नजदीक फायरिंग करनी थी और बम फेंकने थे।
ऐसा करने के पीछे अतीक अहमद को यह संदेश देना था कि उसकी जान का खतरा है। जिसके चलते उसकी सुरक्षा बढ़ा दी जाए और ना तो कोई उसकी हत्या कर सके और ना ही पुलिस एनकाउंटर में उसे खत्म कर सके। गौरतलब है कि 15 अप्रैल को कुख्यात अपराधी अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस कस्टडी के दौरान मेडिकल चेकअप के लिए लेते जाते समय अतीक और अशरफ की गोलियों से हत्या कर दी गई थी। माफिया भाईयों के तीनों शूटर्स लवलेश, अरुण और सनी के खिलाफ कानूनी कारवाई चल रही है।