प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के तीनों शूटरों की आज प्रयागराज के CJM कोर्ट में पेशी किया गया। सुनवाई के दौरान जज ने माफिया भाईयों के हत्यारें लवलेश, अरुण और सनी को 4 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
SIT ने 7 दिनों की मांगी थी रिमांड
एसआईटी (SIT) टीम ने अतीक और अशरफ के हत्यारों की 7 दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसे नामंजूर कर दिया। सुनवाई करने के दौरान पुलिस प्रशासन ने अपनी दलील पेश की। बावजूद इसके अतीक और अशरफ के कातिलों की एसआईटी टीम को चार दिन की ही रिमांड मिल सकी।
नैनी जेल से प्रतापगढ़ हुए थे शिफ्ट
माफिया अतीक और अशरफ के शूटरों को वारदात के बाद नैनी के सेंट्रल जेल लाया गया था। यहां पर उन्हें दो दिन तक तन्हाई बैरिक में बंद रख गया था, लेकिन यहां पर उन्हें जान का खतरा था। दरअसल नैनी सेंट्रेल जेल में ही अतीक अहमद का बेटा अली बंद है। वो अपने पिता अतीक चाचा अशरफ और भाई असद की हत्या से बेहद आक्रोशित और भयंकर सदमे में है। सूत्रों के अनुसार अपने परिवार के तीन सदस्यों की मौत से बौखलाए अली ने मंगलवार को जेल की दिवार पर अपना सिर पटक दिया। इन्हीं कारणों के चलते अतीक और अशरफ के तीनों शूटरों को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
असद कालिया को पुलिस ने दबोचा
वहीं उमेश पाल हत्या कांड में आज पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। अतीक अहमद गैंग के शूटर असद कालिया आज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उमेश पाल के मर्डर के बाद से ही वो बाकी शूटरों की तरह फरार चल रहा था। उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम था।
गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी। 15 अप्रैल रात करीब 10 बजे यूपी पुलिस दोनों माफिया भाईयों को प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में रुटिन मेडकल जांच के लिए लेकर पहुंचे थे। इसी दौरानलवलेश, अरुण और सनी नाम के शूटर्स मीडियाकर्मी की भेष में पहुंचे और अतीक-अशरफ पर अंधाधून फायरिंग करके हत्या कर दी।