Haryana: बेमौसम बारिश से किसान परेशान, एक ने गंवाई जान, फसलें तबाह

चंडीगढ़: हरियाणा में मार्च के महीने में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण किसान बेहद परेशान हैं। तूफान और तेज बारिश के कारण फसलें तबाह हो रही हैं। हरियाणा कृषि विभाग के अधिकारियों ने गेहूं की फसल 15 से 20 प्रतिशत तक खराब होने की आशंका जताई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर बारिश आगे भी ऐसे ही लगातार होती रही तो गेहूं के दानों की चमक कम हो जाएगी और दाना काला भी पड़ सकता है।

सरसों की फसल पर फिरा पानी

वंही करनाल जिले में भी किसान तेज बारिश से परेशान नजर रहे हैं। सरसों की फसल पर पहले ही पानी फिर चुका है। जिले के राष्ट्रीय गेहूं अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार बारिश से फसल को पांच से सात फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है।

गेंहू की फसलें बर्बाद

सोनीपत, जींद, झज्जर में भी अन्नदाता को काफी नकुसान झेलना पड़ रहा है। बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। खेतों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया है, जिसके कारण कारण गेंहू का दाना खराब हो रहा है। इसके दाने के काले पड़ने की भी आशंका जताई जा रही है। सरकार के अनुसार राज्य के सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं और सरसों की फसल की खरीदने की तैयारी पूरी चल रही है। लेकिन अब बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में लगी फसलों में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे करीब एक सप्ताह तक खरीद प्रभावित होने की संभावना है।

तेज बारिश से मकान ढहा, 1 की मौत

तेज बारिश और हवा के कारण करनाल के सांभली गांव में एक मकान की दीवार ढह गई। दीवार ढह जाने के कारण 51 वर्षीय भीम सिंह इसके नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।भिवानी और उसके आसपास के इलाकों में भी शुक्रवार की दोपहर को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य में शुक्रवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई थी। इसके साथ महेंद्रगढ़ और बहादुरगढ़ में भी ओले गिरे। इसके साथ ही 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।

बारिश के कारण घट सकती है पैदावार

रिपोर्ट के अनुसार 5.75 लाख एकड़ फसल में नुकसान की शिकायतें आई हैं। हरियाणा में 4900 गांवों एक लाख से अधिक किसान इससे प्रभावित हैं। राज्य में 22.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई गई थी। हरियाणा में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ऊपर ही गेहूं की पैदावार होती है, लेकिन बताया जा रहा है कि बारिश के चलते प्रति हेक्टेयर पांच से सात क्विंटल पैदावार घट सकती है।

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