कराची: पाकिस्तान में ज्यादातर आतंकियों को बड़ी-बड़ी सुविधाएं मिल रही हैं। जैसे कि हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर इन्हें तो सुरक्षा घर आदि दिए गए हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान में दो आतंकियों को अज्ञात शूटर द्वारा मार गिराया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि यह काम पाकिस्तानी सरकार तो नहीं कर सकती है क्योंकि वो तो इन्हें पालने का काम करती है।
अब यह मारा गया
पाकिस्तान के कराची में सोमवार को कश्मीर के आतंकी संगठन अल-बद्र का कमांडर सैयद खालिद रजा मारा गया। अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि खालिद मौत से पहले तक भी कश्मीर में सक्रिय आतंकियों से जुड़ा हुआ था। सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी ने खालिद रजा की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
कश्मीर का है खालिद
हमलावरों ने खालिद रजा के घर के बाहर ही उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। खालिद राजा कश्मीर में आतंकी कमांडर रह चुका है। इसके बाद वो कराची चला गया। यहां वो फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल का वाइस चेयरमैन बना।
पाकिस्तान ने दी थी नागरिकता
बशीर अहमद को इम्तियाज आलम के नाम से भी जाना जाता था। जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने में इसका हाथ था। वह हाजी, पीर और इम्तियाज के कोड नाम से जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देता था। बशीर पिछले कुछ सालों से रावलपिंडी में रह रहा था। पाकिस्तान सरकार ने उसे अपने देश की नागरिकता दे दी थी।