National Voters Day 2023: लोकतांत्रिक देश का सबसे बड़ा अधिकार, जानिए क्या है मतदाता दिवस का उद्देश्य ?

नई दिल्ली:भारत के इतिहास में कई तारीखें ऐसी हैं जो बेहद खास हैं और जिसके बहुत बड़े मायने हैं।सबसे पहली तारीख 15 अगस्त 1947 जब देश अंग्रेजो से 200 साल बाद आजाद हुआ। तब से भारत में हर साल इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। दूसरा 26 जनवरी 1950 जब भारत का अपना सविंधान लागू हुआ। उसी दिन से देश में हर साल गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाता है। साथ ही रिपब्लिक डे के एक दिन पहले मनाया जाने वाला तीसरा सबसे खास और लोकतंत्र का आधार राष्ट्रीय मतदाता दिवस जो देश में हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है।

कब से हुई नेशनल वोटर्स डे की शुरूआत ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरूआत 25 जनवरी 2011 को भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने थी। जिसके बाद से हर साल भारत में 25 जनवरी को नेशनल वोटर्स डे के रूप में मनाया जाता है। भारत का सविंधान 26 जनवरी को लागू हुआ था इसलिए इससे एक दिन पहले यानि 25 जनवरी को नेशनल वोटर्स डे मनाने का फैसला किया गया। देश और भारत निर्वाचन आयोग आज 13 वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है।

क्या है राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मायने ?

भारत एक लोकतांत्रिक देश है। जहां जनता ही अपनी सरकार चुनती है। भारतीय संविधान के अनुसार देश की जनता को मतदान करने का अधिकार मिला है। देश की जनता का एक-एक वोट भारत की दशा और दिशा तय करता है। देश की जनता अपना बहुमूल्य वोट डालकर चुनाव करती है कि उसे कैसी सरकार चाहिए। वोटरों को मतदान के तरफ जागरूक करने के लिए हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। बता दें भारत में 18 वर्ष की आयु के बाद हर आयु और लिंग के लोगों को मतदान का अधिकार है।

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