Yo Yo Test: साल 2023 में विश्वकप होने जा रहा है। विश्वकप को लेकर सभी देशों ने तैयारी शुरू कर दी है। जिसे देखते हुए (BCCI) ने बैठक में (Yo-Yo Test) और डेक्सा स्कैन (Dexa Scan) को अनिवार्य कर दिया। अब भारतीय खिलाड़ियों को इन टेस्ट को पास करना होगा नहीं तो टीम से छुट्टी हो जाएगी।यह फैसला विश्व कप टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर किया गया है।
प्रदर्शन को लेकर लिया फैसला
बता दे कि, टी-20 विश्व कप में हार,एशिया कप में निराशाजनक प्रदर्शन और बांग्लादेश में वनडे सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही साल 2022 में टीम इंडिया के कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे। इनमें केएल राहुल (KL Rahul), रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja), जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah)जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे।
क्या होता है यो यो टेस्ट ?
भारतीय क्रिकेट में यो-यो टेस्ट (Yo Yo Test) पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक तरफ इस टेस्ट को इंटरनेट रिकवरी टेस्ट (Internet Recovery Test) भी कहा जाता है। दूसरी तरफ यह एक तरह से बीपी टेस्ट (BP Test) की तरह ही होता है, जिसमें खिलाड़ियों को 2 सेटों से बीच दौड़ लगाना होता है।
जिसमें सेटो की दूरी लगभग 2 सेंटीमीटर होती है जो 1 इंच के बराबर है। इस टेस्ट को पास करने के लिए खिलाड़ी को पहले सेट से दूसरे सेट तक वापस दौड़ कराना है। इसके साथ ही दोनों सेट की दूरी पूरी करने पर इसके एक शटल माना जाता है। हर एक शक्ल के बाद दौड़ने के समय को कम कर दिया जाता है लेकिन इसकी दूरी में कमी नहीं होती। इसी के साथ अब इस टेस्ट को पास करने के बाद ही खिलाड़ी को भारतीय टीम में शामिल किया जाएगा।