मुंबई: संगीत के जादूगर आर डी बर्मन ने 4 जनवरी 1994 के दिन दुनिया को अलविदा कहा था। उन्हें इस दुनिया से रुकसत हुए 29 साल हो गए हैं, लेकिन उनके गानों में वो जादू है जो आज भी लोगों के सर चढ़कर बोलता है। आरडी बर्मन ने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक बेहतरीन गाने कंपोज करके दिए। पंचम दा के गाने आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पंसद है।
बचपन से ही था संगीत का शौक
आरडी बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता का नाम सचिन देव बर्मन था।जो कि एक फेमस संगीताकर थे। आरडी को अपने पिता से ही संगीत की कला विरासत में मिली थी। उन्हें बच्चपन से ही संगीत का शौक था। बताया जाता है कि उन्होंने अपनी पहली धुन 9 साल की छोटी सी उम्र में ही तैयार कर ली थी। इस म्यूजिक को उनके पिता सचिन देव बर्मन ने फंटूश फिल्म मेंइस्तेमाल किया था। आरडी में बचपन में ही एक और बेहतरीन धुन सर जो तेरा चकरायेतैयार की थी। जिसे प्यासा फिल्म में उपयोग किया गया। यह गाना बेहद पॉपुलर हुआ था और आज भी खूब सुना जाता है।
किसने दिया पंचम दा नाम
आरडी बर्मन को महमूद ने हिंदी सिनेमा में पहला ब्रेक दिया था। इसके बाद उन्होंने सैकड़ो हिट गानों की झड़ी लगा दी। आरडी बर्मन के माता-पिता, परिवारजन और दोस्त उन्हें तबलू कहकर बुलाया करते थे। लेकिन जब वो बॉलीवुड में आएं तो उन्हें प्यार से पंचम दा के नाम से पुकारा जाने लगा। कहा जाता है कि आरडी बर्मन को यह नाम अभिनेता अशोक कुमार ने दिया था।
आशा भोसले से की दूसरी शादी
आरडी बर्मन ने हिंदी सिनेमा में बहुत जल्द एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया था। करियर में अपार सफलता मिलते ही उन्होंने 27 साल की उम्र में 1966 में रीता पटेल से शादी कर ली थी। लेकिन दोनों के बीच कुछ सालों तक तो रिश्ते अच्छे रहे फिर ये शादी टूट गई और दोनों के बीच तलाक हो गया। उस दौरान आरडी बर्मन की प्रोफेशनल जिंदगी तो चका-चौंध से भरी हुई थी, लेकिन रीता से तलाक के बाद उनकी जिंदगी में एक सुनापन आ गया था। इसी बीच पंचम दा और आशा भोसले की जोड़ी बॉलीवुड को एक के बाद एक हिट गाने दे रही थी। इसी दौरान संगीत की दुनिया के दो महान शख्सियत एक-दूसरे के करीब आए और 1980 में शादी कर ली।
आर डी बर्मन के सुपरहिट गाने—
ओ मेरे दिल के चैन….
चुरा लिया है तुमने जो दिल को…
जिंदगी के सफर में गुजर जाते है….
तेरे बिना जिंदगी से कोई शुक्का नहीं…
क्या यही प्यार है ….