नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल को वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन की सौगात दी। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कोलकाता में वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उसे देश को समर्पित किया।यह देश की सांतवी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है। साल 2019 में देश की पहली सेमी हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस लांच की गई थी।
निजी कारणों से बंगाल नहीं आ सका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने के बादअपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बंगाल की जनता को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि, आज मुझे आप सब के बीच पहुंचना था। लेकिन निजी कारणों की वजह से मैं नहीं आ पाया। मैं इसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं। पीएम मोदी ने कहा बंगाल की पुण्य धरती को आज मेरे पास नमन करने का मौका है।
बंगाल के कण-कण में आजादी का इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि, बंगाल के कण-कण में आजादी का इतिहास समाया हुआ है। जिस धरती से वंदे मात्रम का जयघोष हुआ वहां से वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई। पीएम ने कहा आज 30 दिसंबर की तारीख का भी इतिहास में अपना बहुत विशेष महत्व है। 30 दिसंबर, 1943 के दिन ही नेताजी सुभाष ने अंडमान में तिरंगा फहराकर भारत की आजादी का बिगुल फूंका था। इस घटना के 75 वर्ष होने पर साल 2018 में, मैं अंडमान गया था। नेताजी के नाम पर एक द्वीप का नामकरण भी किया था।
हावड़ा से जलपाईगुड़ी तक करेगी सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को एक और वंदे भारत ट्रेन दी। उन्होंने कहा कि,देश की आजादी के अमृत महोत्सव में देश ने 475 वंदे भारत ट्रेन शुरू करने का संकल्प लिया था। उसी में से एक ये भी है। बता दें ये ट्रेन बंगाल के हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी रूट तक का सफर तय करेगी।यह सुपरफास्ट ट्रेन तरह की आधुनिक सुविधाएं से लैश होगी। जिसमें सभी कोचमेंऑटोमेटिक दरवाजे, जीपीएस आधारित ऑडियो-विजुअल यात्री सूचना प्रणालीऔरऑनबोर्ड वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
सीएम ममता ने जताया शोक
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र की मां हीराबेन का आज सुबह निधन हो गया। हीराबेन पिछले कई दिनों से बीमार थी जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। आज वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री जी आज आपके लिए बहुत दुखद दिन है। मैं भगवान से प्रार्थना करूंगी की आपको यह दुख सहन करने की क्षमता दे। मैं आपसे अनुरोध करूंगी कि आप इस कार्यक्रम को छोटा रखें क्योंकि आप अभी अपनी मां के अंतिम संस्कार से आए हैं।