नई दिल्ली: करीब 4 महीने पहले प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन पीएफआई के खिलाफ राष्ट्रिय जांच एजेंसी ने चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में एनआईए ने कई ऐसे खुलासे किये हैं जिससे यह साफ़ हो जाता है कि पीएफआई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।
ऐसे काम करता था पीएफआई
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि पीएफआई में भर्ती होने के बाद मुस्लिम युवाओं को योग कक्षाओं और शारीरिक शिक्षा शुरुआती पाठ्यक्रम की आड़ में पीएफआई द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाता था। इन शिविरों में उन्हें चाकू, दरांती और लोहे की छड़ें चलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।
ऐसे एनआईए के रिडार पर आया पीएफआई
साल 4 जुलाई 2022 को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में हुई थी और बाद में 26 अगस्त को एनआईए द्वारा फिर से एक मामला दर्ज किया गया था। अब इन्हीं मामलों में शादुल्लाह, फ़िरोज़ खान, मोहम्मद उस्मान, सैयद याहिया समीर, शेख इमरान, मोहम्मद अब्दुल मुबीन और मोहम्मद इरफ़ान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 153(ए) और धारा 17, 18, 18ए के तहत चार्जशीट दर्ज की गई है।