देश के न.1 पहलवान बजरंग पुनिया ने 14 साल की उम्र में शुरू की कुश्ती

चंडीगढ़: हरित प्रदेश हरियाणा ने हमेशा ही देश का मान बढ़ाया है। खेल की उपलब्धियों में तो हरियाणा का कोई शानी नहीं है। आईये आपको ऐसे ही एक खिलाड़ी से रूबरू कराते हैं जिन्होने देश का नाम दुनिया में रोशन किया है। ये खिलाड़ी हैं बजरंग पुनिया।

झज्जर के एक छोटे से अखाड़े से अपनी कुश्ती की शुरूआत करने वाले बजरंग पुनिया आज दुनिया के बड़े-बड़े अखाड़ों में खेल न केवल अपना ब्लकि पूरे देश का नाम चमकाया। अतंरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कुश्ती प्रतियोगताओं में बजरंग पुनिया ने कई स्वर्ण और ब्रॉन्ज मेडल्स अपने नाम किए है।

बजरंग पुनिया का जन्म और पढ़ाई

बजरंग पुनिया का जन्म 22 फरवरी 1994 को हरियाणा के झज्जर जिले के खुदान गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम बलवान सिंह पुनिया है, जो एक पहलवान है। इनकी माता का नाम ओम प्यारी पुनिया है। इनके भाई का नाम हरेंद्र पुनिया है जो कि एक पहलवान है।

कैसे बढ़ी रेसलिंग के प्रति रूची

झज्जर जिले के साधारण से परिवार में जन्मे बजरंग पुनिया का बचपन गुरबत में गुजरी। बकौल बजरंग पुनिया क्रिकेट या बैडमिंटन जैसे महंगे खेलों को अपनाने के लिए उनके पास न तो पैसे थे और न संसाधन। क्योंकि इन सभी खेलों में महंगे साजो सामान की जरूरत होती है। उस समय उनके गांव में अखाड़ा बहुत लोकप्रिय था, और उन्होंने भी अपना हाथ कुश्ती में अजमाने की सोची। बजरंग पुनिया कहते हैं कि मुझे पता भी नहीं चला कि यह कब मेरा हिस्सा बन गया और अपनी मिहनत की बदौलत और खेल प्रेमियों की शुभकामना की वजह से आज कुश्ती में एक सफल खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाबी मिली है। बड़ी बात यह है कि बजरंग पुनिया के पिता भी एक पहलवान थे और उन्हें कुश्ती लड़ने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली।

14 साल की उम्र में पहली बार उतरे अखाड़े में

बजरंग पुनिया ने 14 साल की उम्र से ही कुश्ती खेलनी शुरू कर दी। इसी दौरान उनकी मुलाकात ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त से हुई। योगेश्वर दत्त से पुनिया ने कुश्ती से जुड़ी कई बारीकियां सीखीं। पुनिया ने पहली बार 2013 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप और विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों के फ्रीस्टाइल 60 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर सुर्खियों में आए।

पद्मश्री से हुए सम्मानित

कुश्ती में लोहा मनवाने वाले पहलवान बजरंग पुनिया को कई बड़े-बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया है। वर्ष 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बजरंग पुनिया को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसी साल उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इसी के साथ उन्हें अर्जुन पुरस्कार समेत कई अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।

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