News By: Shanti Pandey
अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है। बताया जा रहा है कि सबूत पुख्ता करने के लिए जांच एजेंसी एसआईटी (SIT) ने उत्तराखंड वनंत्रा रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी के आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने के लिए कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दे दी है, जिससे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाया जा सके। उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि अभी तक उन्हें ऐसा कोई सबूत हाथ नहीं लगा है जिससे आरोपियों को उनके गुनाह के अनुसार सजा दिलाया जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि अंकिता के हत्यारों को ऐसी सजा दिलाई जा सके जो हर अपराधियों के अपराध के लिए सजा का एक मिसाल बन जाए।
आपको बता दें कि अंकिता के तीनों आरोपियों के नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट में अपील कर दी गई है। मंजूरी मिलते ही नार्को टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट कराने के बाद ही अंकिता भंडारी हत्याकांड की चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वह तीनों आरोपियों के खिलाफ सबूतों को पुख्ता करने और सख्त सजा दिलाना चाहती है। इसलिए तीनों का नार्को टेस्ट करवाने की मंजूरी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है पूरा मामला ?
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम कर रही थी जो कि उत्तराखंड में स्थित है। वनंत्रा रिसॉर्ट मालिक पुलकित ने अंकिता से गेस्टों को स्पेशल सर्विस देने की बात कही जिसका अंकिता ने विरोध किया। आपको बताते चले कि इस बात का खुलासा तब हुआ जब अंकिता का चैट वायरल हुआ जिसमें अंकिता अंकिता ने अपने दोस्त पुष्प के साथ हुए व्हाट्सएप चैट में किया था। अंकिता ने साफ कहा था कि रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य उसको किसी वीआईपी गेस्ट के साथ फुल सर्विस देने की बात कर रहा है।
बात यही ख्त्म नहीं हुई। इतना सब कुछ होने के बाद रिसॉर्ट मालिक आरोपी पुलकित आर्य और अंकिता भंडारी के बीच झगड़ा हुआ। पुलकित ने रिजॉर्ट को बदनाम करने का आरोप लगाया। दोस्तों के बीच गलत तरीके से चीजों को पेश करने की बात कही। मैनेजरों ने दोनों को शांत किया।
आपको बता दें कि 18 सितंबर की रात पुलकित आर्य ने अंकिता भंडारी को बाहर चलने के लिए कहा। उसने कहा कि कुछ बात करनी है। पुलकित, अंकिता और दो मैनेजर एक स्कूटी और बाइक से ऋषिकेश के लिए निकले। पुलकित और दोस्तों ने चिला पावर हाउस के पास शराब पी। इसके बाद फिर पुलकित और अंकिता के बीच झगड़ा शुरू हो गया। अंकिता की तीनों ने पिटाई कर दी।
पुलकित और उसके मैनेजरों ने पुलिस के समक्ष माना है कि उन्होंने झगड़े में अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने अंकिता के मर्डर को गुमशुदगी में बदलने की पूरी प्लानिंग कर ली। पुलकित ने खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई। लेकिन परिजनों ने जब प्रशासन पर दबाव बनाया तब जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।