#PresidentDraupadiMurmu ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का किया शुभारम्भ, बोली- श्रीमद्‌भगवद्‌गीता जीवन-निर्माण करने वाला ग्रंथ है

आज राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू हरियाणा दौरे पर हैं। आज उन्होंने कुरुक्षेत्र में विश्व विख्यात गीता महोतसव में भाग लिया। हरियाणा आगमन पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और सीएम मनोहर लाल ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव 2022 का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने हरियाणा सरकार की 3 योजनाओं की शुरूआत की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने हरियाणा परिवहन में ई-टिकटिंग प्रणाली का उदघाटन किया। इसके प्रणाली के तहत 6 डिपो चंडीगढ़, करनाल, फरीदाबाद, सोनीपत, भिवानी और सिरसा में ई-टिकटिंग की सुविधा दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति ने सिरसा में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। यह कॉलेज 22 एकड़ 1080 करोड़ की लागत से बनेगा। तीसरी योजना के अनुसार राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सर्वेक्षण योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के लोगों का हेल्थ चेकअप होगा। योजना के के अंतर्गत अन्तोदय परिवारों के 1 करोड़ 60 लाख परिवारों को इसका लाभ होगा।

यह रहेगा गीता महोत्सव का कार्यक्रम

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 6 दिसंबर तक चलेगा। इस महोत्सव के दौरान प्रदेश भर के स्कूलों में 75 हजार विद्यार्थी आनलाइन अष्टादश श्लोक के पाठ एवं वैश्विक मंत्रोच्चारण करेंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले को लेकर एक-एक पर्यवेक्षक लगाया गया है। इस महोत्सव के लिए सरकार ने नोडल अधिकारी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने वाले पीजीटी व टीजीटी की सूची भेजकर उन्हें वीरवार को सुबह कार्यालय में कार्यक्रम को लेकर आयोजित आवश्यक मीटिंग में पहुंचने का आदेश देने के लिए कहा है।

गीता पूरी मानवता के लिए है आध्यात्मिक संहिता

अपने सम्बोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने ने कहा कि गीता में हर शंका का समाधान है। यही विश्व का सबसे पवित्र ग्रंथ है। इसका घर-घर, शहर-शहर प्रचार होना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि गीता ही सही अर्थ में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक है। गीता सर्वाधिक प्रसिद्ध ग्रंथ है। गीता पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक संहिता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवा से लेकर बेटियां भी गीता के संदेश को अपने अंदर समाहित कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं जो बेहद सराहनीय है। इन पर उन्हें गर्व है। मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी गीता को माता कहते थे। अपने 12 मिनट के उद्बोधन को राष्ट्रपति ने गीता पर ही केंद्रित रखा।

हरियाणा सरकार ने अपनी संस्कृति को संजो कर रखा है

अपने सम्बोधन के दौरान सीएम खट्टर ने कहा कि यह महोत्सव पिछले 7 वर्षों से हम कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में हम देश विदेश से मेहमानों को बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि आपने उड़ीसा के छोटे से गांव से लेकर राष्ट्रपति भवन तक सफर अपनी दृढ निश्च्य से पूरा किया है और आप हमारे लिए प्रेरणा की स्त्रोत हैं। आपका राष्ट्रपति बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उसे पूरा भी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि जैसे वाराणसी में मुक्ति प्राप्त होती है वैसे ही कुरुक्षेत्र का जल, थल और वायु तीनों मुक्ति प्राप्त करने वाले हैं। इस महोत्सव का महत्व विश्व में गीता का सेमिनार करवाना है ताकि पूरा विश्व में गीता के महत्व का विख्यान हो सके। हमने अपनी संस्कृति को सन्जोये रखा है यही हरियाणा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

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