होली के बाद आने वाली चैत्र कृष्ण अष्टमी को शीतला अस्टमी कहा जाता हैं. वहीं बहुत से लोग इसे होली अष्टमी भी कहते हैं और यह इसलिए क्योकि यह होली के बाद मनाया जाता हैं. इस पूजा को कुछ लोग होली के बाद आठवे दिन मनाते हैं तो वही कुछ लोग होली के बाद आने वाले पहले सोमवार को मनाते हैं. यह पूजा उत्तर भारत के अलावा गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी किया जाता हैं. इस पूजा को गुजरात में कृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन पहले मनाया जाता है। इसे वहां शीतला सप्तमी कहा जाता है।
इस दिन शीतला माता का पूजा होता हैं. वहीं इस दिन शीतला माता के मंदिर को सजाया जाता हैं. और पूजा किया जाता हैं. इस दिन मंदिर के आसपास के परिषर में मेला भी लगता हैं. इस त्योहार को कई जगह बासौड़ा भी कहते हैं। माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाने की प्रथा है। इस दिन घर में ताजा खाना नहीं बनता, महिलाए एक दिन पहले रात को ही खाना बना लेती हैं, उसी खाने से माता शीतला की पूजा की जाती है।
तो चलिए जानते हैं इस पूजा की शुभ मुहूर्त-
शीतला अष्टमी 2020 सोमवार 16 मार्च 2020
शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त -सुबह 6:46 बजे से शाम 06:48 बजे तक
शीतला सप्तमी रविवार 15 मार्च 2020
शीतला अष्टमी 2020 16 मार्च 03:19 बजे से
शीतला अष्टमी 2020 17 मार्च 02:59 बजे तक
कई जगह मान्यताओं के अनुसार चेचक, स्मालपॉक्स जैसी बीमारियों से बचाने के लिए शीतला माता की पूजा की जाती है। कहा जाता हैं की इस दिन घर में चूल्हा जलने से और गर्म खाना खाने से माता शीतला नाराज हो जाती हैं.