गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली हिंसा पर राज्यसभा में चर्चा की। राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोरदार आगाज़ किया। उन्होंने कहा कि अपराधी, वे किसी भी धर्म, जाति या पार्टी के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें कानून के समक्ष लाया जाएगा। चेहरे की पहचान (दिल्ली हिंसा में शामिल दोषियों) के लिए केवल ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड का उपयोग किया जा रहा है। आधार डेटा का उपयोग इसके लिए नहीं किया जा रहा है, जैसा कि मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा गलत तरीके से बताया गया है।
ANI (@ANI) March 12, 2020
साथ ही साथ कहा कि किसी की जान चली गयी, कोई अपाहिज हो गया, किसी का घर जल गया, और क्या निजिता की बात करते हो ? पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने दंगा किया है उसको कोर्ट के सामने खड़ा करे और कठोर से कठोर सजा दी जाये। हमने निजिता को कोई बंघ नहीं किया है। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट थे जो हिंसा से 2 दिन पहले शुरू हुए थे और 25 तारीख को निष्क्रिय कर दिए गए थे। ये खाते केवल नफरत फैलाने का काम करते थे। उनके मालिक सोच रहे होंगे कि वे सुरक्षित हैं लेकिन यह डिजिटल युग है, हम उन्हें कानून के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।