नागरिकता कानून के विरोध में पिछले महीने दिल्ली में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली हिंसा से देश की छवि खराब हुई है.
इसके अलावा कांग्रेस ने पुलिस को लेकर भी सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने कहा है कि कई जगह पर पुलिस की कार्यशैली संदिग्ध दिखी है. भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी वोट बैंक की राजनीति करती है. कांग्रेस यह मांग करती है कि दिल्ली की सुरक्षा का जिम्मा जिन गृह मंत्री पर है उनका इस्तीफा होना चाहिए.
कांग्रेस के नेता मुकुल वासनिक ने इसी दौरान कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान जज से न्यायिक जांच की मांग करते हैं. हिंसा में हर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जिन्होंने कुछ नहीं किया. कांग्रेस का कहना है कि भड़काऊ भाषण देने वाले के खिलाफ कार्रवाई हो.
कांग्रेस ने कहा कि हमारी मांग है कि दिल्ली की सुरक्षा का जिम्मा जिन गृह मंत्री (अमित शाह) पर है उनका इस्तीफा होना चाहिए. हम यह मानते हैं कि दिल्ली में जो स्थिति पैदा हुई उसे रोकने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया. दिल्ली चुनाव के दौरान उनका एक भाषण देखा जिसमें वह कह रहे हैं कि यह करंट शाहीन बाग तक पहुंचना चाहिए.